Firecracker Noise Effect: दिवाली एक ऐसा त्योहार है, जिसमें अक्सर लोग उत्साह में खूब पटाखे जलाते हैं। इन पटाखों से निकलने वाला धुआं तो हमारे लिए नुकसानदायक होता ही है, साथ ही इसकी अत्यधिक तेज आवाज भी हमारे कानों के लिए हानिकारक होती हैं। यह तेज आवाज कभी-कभी हमारे कानों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। अगर तेज आवाज वाले पटाखों के तुरंत बाद आपके कान सुन्न हो गए हैं, या आपको कानों में सीटी बजने या सनसनाहट की आवाज आ रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
यह अस्थायी रूप से नॉइस इंड्यूस्ड हियरिंग लॉस का संकेत हो सकता है। यह स्थिति तब बनती है जब ध्वनि की अत्यधिक तेज ऊर्जा कान के संवेदनशील कोशिकाओं को अस्थाई रूप से थका देती है। इसी विषय पर अमर उजाला से खास बातचीत में ओड़ीसा के निजी अस्पताल के डॉक्टर रवि कुशवाहा ने कुछ बातें बताई, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
डॉक्टर कुशवाह के अनुसार, इस नाजुक स्थिति में मरीज अक्सर गलती कर बैठते हैं और वे बिना डॉक्टर की सलाह के तुरंत कानों में तेल, कोई घरेलू नुस्खा या कोई हर्बल दवा डाल लेते हैं। डॉक्टर के अनुसार यह गलती आपके कानों को स्थायी बहरेपन की ओर धकेल सकती है।
पटाखों का शोर पहले ही अंदरूनी कान की नाजुक कोशिकाओं को थका चुका होता है, और ऐसे में कान में कुछ भी डालना, संक्रमण या जटिलताओं को बढ़ाकर स्थायी क्षति का कारण बन जाता है, जिसे ठीक नहीं किया जा सकता। इसलिए कान सुन्न होने पर घबराहट में कोई भी गलती न करें और खुद से कुछ भी इलाज न करने से बचें। आइए डॉक्टर से जानते हैं कि ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए?