Medically Reviewed by-
डॉ अखिलेश कषौधन
(एमबीबीएस, मेडिसिन)
लखनऊ
देश में त्योहारों के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। इसमें दीपावली के त्योहार को कई मामलों में खास माना जाता है। दीपावली उत्सव, जश्न, मिठाइयों और पटाखों का त्योहार माना जाता है। हालांकि डायबिटीज और अस्थमा के रोगियों को दीपावली में विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। दीपावली की मिठाइयों से डायबिटीज जबकि पटाखों के कारण अस्थमा रोगियों की जटिलताओं के बढ़ने का खतरा रहता है। पटाखों से निकलने वाला धुंआ अस्थमा रोगियों की मुश्किलों को बढ़ा देता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पटाखों में कई प्रकार के हानिकारक रसायन होते हैं जो जलने के बाद वातावरण को प्रदूषित कर देते हैं। इस तरह का वातावरण अस्थमा जैसे सांस से संबंधित रोगियों के लिए बहुत ही नुकसानदायक हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि अस्थमा के रोगियों को किस प्रकार की सावधानियां बरतते हुए दीपावली का त्योहार मनाना चाहिए?