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Delhi Air Pollution: बेहद 'खराब स्तर' की वायु गुणवत्ता इन तीन बीमारी वालों के लिए खतरनाक, ऐसे बरतें सावधानी

Fri, 03 Nov 2023 06:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Air Pollution and lungs - फोटो : Amarujala
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में दीपावली से पहले से बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। दिल्ली में पिछले करीब सात दिनों से एयर क्वालिटी (एक्यूआई) खराब स्तर का बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार तीन नवंबर को सुबह छह बजे दिल्ली का AQI स्तर कई स्थानों पर 400 को पार कर गया, जिसे  "बहुत खराब" श्रेणी वाला माना जाता है। दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 326 और पीएम 2.5 का स्तर 176 दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तरह के प्रदूषण के स्तर को सेहत के लिए काफी गंभीर मानते हैं। 



दिल्ली के साथ एनसीआर के भी कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। सेक्टर 62, नोएडा में AQI 483 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि गाजियाबाद में AQI 444 'खराब' श्रेणी में था। 
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वायु प्रदूषण के कारण बढ़ती समस्याएं - फोटो : istock
अगले 15-20 दिन बहुत महत्वपूर्ण

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सचिवालय में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। पर्यावरण मंत्री ने कहा एक नवंबर से अगले 15 से 20 दिन महत्वपूर्ण हैं। इस बीच दीपावली भी है। वैज्ञानिक कह रहे हैं कि तापमान गिर रहा है और हवा की गति कम हो गई है, इसलिए प्रदूषण के बढ़ने के खतरा हो सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की वायु गुणवत्ता कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकती है। यदि आपको पहले से ही किसी प्रकार की क्रोनिक बीमारी है तो सेहत को लेकर विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।
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प्रदूषण का फेफड़ों पर असर - फोटो : iStock
श्वसन रोगी बरतें सावधानी

वायु प्रदूषण के कारण वैसे तो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, पर इसका सबसे गंभीर असर श्वसन स्वास्थ्य पर देखा जाता रहा है। वायु प्रदूषकों में सांस लेने से आपके वायुमार्ग में जलन हो सकती है इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ, खांसी, घरघराहट, अस्थमा के अटैक और सीने में दर्द का भी खतरा रहता है। वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में आने से आपको फेफड़ों के कैंसर, दिल के दौरे, स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याएं भी हो सकती हैं।

जिन लोगों को पहले से ही फेफड़ों से संबंधित कोई समस्या है उन्हें प्रदूषण से विशेष रूप से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।

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ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या - फोटो : iStock
डायबिटीज और हृदय रोगी भी रहें अलर्ट

फेफड़ों के अलावा वायु प्रदूषण उन लोगों के लिए भी गंभीर समस्याकारक है जिनको पहले से डायबिटीज या हृदय रोगों की समस्या रही है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि पीएम 2.5 प्रदूषण कण आपके रक्त प्रवाह में पहुंचकर इंफ्लामेशन के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है, जिससे डायबिटीज की जटिलताएं हो सकती हैं।

इसी तरह से वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण हार्ट अटैक और आर्टरी से संबंधित बीमारियों का जोखिम अधिक हो जाता है।
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प्रदूषण से करें बचाव - फोटो : istock
वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों से कैसे बचें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण से सभी लोगों को बचाव के लिए उपाय करते रहने की आवश्यकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप बाहर हवा में ज्यादा समय न बिताएं। बाहर जाते समय मास्क पहनें और शरीर के हाइड्रेशन पर विशेष ध्यान दें। प्रदूषण के कारण अस्थमा के ट्रिगर होने का भी खतरा रहता है, इसलिए जरूरी कि आप समय पर दवाइयां और इनहेलर लेते रहें।

क्रोनिक बीमारियों के शिकार लोग, प्रदूषण के जोखिमों से बचे रहने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लेते रहें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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