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Air Pollution: प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए डॉक्टर ने दी ये जरूरी सलाह, बच्चे बरतें खास सावधानी

Thu, 24 Oct 2024 12:41 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 गुरुवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 330 दर्ज की गई है। इस तरह की हवा को सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता है। डॉक्टर ने प्रदूषण के कारण होने वाले जोखिमों से बचाव के लिए जरूरी उपाय बताए हैं। 
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दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण - फोटो : Adobe Stock
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार 'खराब श्रेणी' में बना हुआ है। गुरुवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 330 दर्ज की गई है। इस तरह की हवा को सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रदूषित वातावरण में लंबे समय तक रहने के कारण श्वसन और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों, मस्तिष्क और तंत्रिका से संबंधित रोग, यहां तक कि गर्भस्थ शिशु को भी नुकसान हो सकता है। जिस तरह से दीपावली से पहले ही दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही, इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।

डॉक्टर्स का कहना है कि प्रदूषित वातावरण का बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर देखा जाता रहा है, हालांकि ये वयस्कों के लिए भी बहुत खतरनाक हो सकता है। घरों से बाहर निकलते समय एक बार फिर से सभी लोगों के लिए मास्क पहनना जरूरी हो गया है। इसके अलावा बच्चों को स्कूल भेजते समय माता-पिता को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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वायु प्रदूषण का खतरा - फोटो : Adobe stock
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण का स्तर

पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर से गैर चैंबर बन गया है। दीपावली के बाद हालात और भी बिगड़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञो ने कहा, बढ़ता प्रदूषण सेहत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण स्थितियां पैदा कर सकता है, इसलिए बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए बहुत जरूरी है। 

अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ अमरकांत द्विवेदी कहते हैं, जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से एक्यूआई 300 के पार 'बहुत खराब' स्तर की बनी हुई है, सभी लोगों को अलर्ट हो जाने की जरूरत है।
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प्रदूषण से बचाव के लिए लगाएं मास्क - फोटो : Freepik.com
बाहर जाते समय जरूर लगाएं मास्क

डॉ अमरकांत कहते हैं, हवा की खराब होती गुणवत्ता के साथ पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों का स्तर भी बढ़ जाता है, जो सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करके कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इनसे बचाव के लिए सभी लोगों को घर से बाहर जाते समय मास्क जरूर पहनना चाहिए। अच्छी क्वालिटी के मास्क इन प्रदूषकों को फिल्टर करके शरीर में प्रवेश होने से बचाते हैं।

मास्क पहनने की आदत बनाकर इन दिनों मौसम में बदलाव के कारण बढ़ रहे इन्फ्लूएंजा वायरस के संक्रमण से भी बचे रह सकते हैं।

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वायु प्रदूषण से बचाव जरूरी - फोटो : Adobe stock
सुबह-शाम घर से बाहर जाने से बचें

डॉक्टर कहते हैं, सुबह और शाम के समय वायु प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक देखा जाता रहा है, इसलिए मार्निंग वॉक पर जाने से बचना चाहिए। हवा न चलने के कारण सुबह के समय सूक्ष्म कण अधिक हो सकते हैं। मार्निंग वॉक या सुबह पार्क में व्यायाम के दौरान आमतौर पर सांस लेने की दर बढ़ जाती है। सांस गहरी होने के कारण प्रदूषक तत्वों के शरीर में प्रेश करने का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है। ऐसे में सुबह और शाम के समय घर से बाहर जाने, वॉक करने या बाहर किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि से बचा जाना चाहिए। 

वायु की गुणवत्ता में गिरावट के कारण श्वसन संबंधी समस्याओं में 30-40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें सबसे अधिक प्रभावित बच्चे और बुजुर्ग हैं। 
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वायु प्रदूषण का खतरा (AI) - फोटो : Freepik.com
स्कूल जाने वाले बच्चे क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं, बच्चों की सेहत के लिए बढ़ता वायु प्रदूषण और भी खतरनाक माना जाता है, इसलिए सभी माता-पिता को बच्चों को स्कूल भेजते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों को मास्क लगाकर ही स्कूल भेजें। सुनिश्चित करें कि बच्चा दिनभर में खूब पानी पीता रहे, जिससे वायु प्रदूषण के कारण होने वाले लक्षणों को कम किया जा सके। अगर बच्चे को किसी प्रकार की श्वसन समस्या या अस्थमा की दिक्कत है तो इस बारे में अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। 



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स्रोत और संदर्भ
Air quality, energy and health


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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