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फैक्ट चेक: 'इस होम्योपैथिक दवा की दो बूंद से बढ़ा जाता है शरीर में ऑक्सीजन का स्तर', जानें वायरल मैसेज की सच्चाई?

Mon, 17 May 2021 06:16 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल है एक दवा - फोटो : Social Media
देश नोवल कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है। हाल के दिनों में संक्रमण के आंकड़ों में थोड़ी कमी जरूर देखी गई है, लेकिन स्थिति अब भी बेहतर नहीं है। कोविड के इस दौर में विशेषज्ञ सभी लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की सेहत पर विशेष ध्यान देने पर जोर दे रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि इस दौरान होने वाली किसी भी तरह की समस्याओं में बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें एक होम्योपैथिक दवा को कोरोना के सभी रोगियों को प्रयोग में लाने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं क्या वास्तव में यह दवा कोरोना में असरदार साबित हो सकती है?
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सोशल मीडिया पर आंख बंद करके न करें भरोसा - फोटो : Social media
क्या है वायरल संदेश
सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर वायरल एक पोस्ट में कोविड का उपचार बताया जा रहा है। पोस्ट में लिखा है- कार्बो वेजिटाबिल्स 30 नामक होम्योपैथिक दवाई की 2-3 बूंद से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा पूरी की जा सकती है। यह दवा इसलिए भी कारगर हो सकती है क्योंकि देश इस समय ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना कर रहा है। जिस भी व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो वह इस दवा को प्रयोग में ला सकते हैं।
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भारत सरकार ने बताई सच्चाई - फोटो : social media
क्या वास्तव में यह दवा असरदार है?
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ट्वीट के माध्यम से इस वायरल खबर का खंडन करते हुए लोगों को जागरूक किया है। ट्वीट में बताया गया है कि यह दावा फर्ज़ी है। सांस लेने में कठिनाई होने पर किसी डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। इस तरह की दवाइयों का खुद से सेवन करना गंभीर मुसीबतों का कारण बन सकता है।
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बिना डॉक्टरी सलाह के न लें कोई दवा - फोटो : iStock
खुद ही डॉक्टर बनने की गलती न करें
नोएडा में एंटी कोरोना टास्क फोर्स के डॉ सिद्धार्थ गुप्ता कहते हैं कि आजकल लोग सोशल मीडिया पर वायरल दवाओं का सेवन करने लगे हैं। इस तरह की वायरल पर्चियों में बिना रोगी के उम्र और अन्य बीमारियों को ध्यान में रखते हुए दवाइयां लिखी होती हैं, ऐसे में बिना डॉक्टरी सलाह के इनका सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है।
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नोट: यह लेख केंद्र सरकार के के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा किए गए फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।
 
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