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ब्लैक फंगस: क्या है कालाजार का इंजेक्शन एंबिसोम? कैसे करता है काम, क्या है साइड इफेक्ट, यहां जानें सबकुछ

Mon, 17 May 2021 05:49 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
डॉक्टर रंजन यादव
दिल्ली एम्स

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से अभी देश लड़ ही रहा था कि अचानक बीच में म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस बीमारी ने हर किसी को परेशान कर दिया। कोरोना से ठीक हुए मरीजों में इसके लक्षण ज्यादातर देखे जा रहे हैं। वहीं, इस बीमारी से लोगों को बचाने के लिए उनके इलाज में कालाजार का इंजेक्शन एंबिसोम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी वजह से इसकी मांग काफी बढ़ गई है। तो चलिए जानते हैं कि ये आखिर कैसे काम करता है और इसके साइड इफेक्ट क्या हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या है और कैसे होता है इस इंजेक्शन का इस्तेमाल?
  • ये कोई पहली बार नहीं जब एंबिसोम यानी Liposmal Amphotericin B इंजेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है, बल्कि कालाजर के इलाज में इसका इस्तेमाल दशकों से हो रहा है। नेक्सस्टार फार्मास्यूटिक्लस ने इसे इजात किया था, और साल 1999 में गिलीड साइंसेज ने इसे खरीद लिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एंबिसोम एक एंटीफंगल दवा है, जो गंभीर फंगल इंफेक्शन के इलाज में भी इस्तेमाल होती है। इससे म्यूकरमाइकोसिस, एस्परजिलियॉसिस, ब्लास्टोमाइकोसिस, कैंडिडियासिस, क्रिप्टोकोकोसिस जैसे कई फंगल इंफेक्शन का इलाज होता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
ये हैं इसके साइड इफेक्ट्स
  • एंबिसोम के साइड इफेक्ट्स भी हैं। ऐसे में इसे गंभीर इंफेक्शन की स्थिति में या फिर ऐसे मरीजों को दिया जाता है जिनका इम्यून सिस्टम बेहद कमजोर है। कई अध्ययन बताते हैं कि ज्यादातर को ये देने के बाद सिरदर्द, तेज बुखार आना, जी मिचलाना, सांस फूलने जैसे साइड इफेक्ट देखे जाते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
ऐसे कर सकते हैं खुद का बचाव
  • आपको अगर इस ब्लैक फंगस से खुद को बचाना है तो इसके लिए आपको धूल वाली जगहों पर मास्क पहनकर रखना चाहिए, मिट्टी, काई या खाद जैसी चीजों के पास जाते समय जूते, ग्लव्स फूल स्लीव कमीज और ट्राउजर जरूर पहनें, खासतौर पर साफ-सफाई का ध्यान रखें और साथ ही डायबिटीज पर कंट्रोल, इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग ड्रग या स्टेरॉयड का कम से कम इस्तेमाल करके भी इससे बचा सकता है।

नोट: डॉक्टर रंजन यादव दिल्ली एम्स के डॉक्टर हैं, और एक जाना-माना नाम भी है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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