फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid Outbreak: कई देशों में कोरोना से बिगड़े हालात, विशेषज्ञों की सलाह- ऐसे तीन लक्षणों को बिल्कुल न करें अनदेखा

Tue, 29 Mar 2022 01:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कई देशों में बढ़े कोरोना के केस - फोटो : iStock
वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण के मामलों में हुई बढ़ोतरी ने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है। एक समय जब ऐसा लगने लगा था कि दुनियाभर में स्थिति सामान्य हो रही है, इसी बीच ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) के कारण चीन और यूरोप के देशों में हालात फिर से बिगड़ने लगे हैं। अध्ययनों में कोरोना के इस वैरिएंट को अधिक संक्रामक बताया जा रहा है, विशेषज्ञों को आशंका है कि इससे होने वाले संक्रमण की स्थिति में गंभीर मामलों का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले चार हफ्तों से दुनिया के कई देशों में इस वैरिएंट के मामलों में तेजी से उछाल दर्ज किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों के मुताबिक जिन देशों में हालात फिलहाल सही हैं वहां भी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है, जिससे कोरोना के प्रसार को रोका जा सके। 

यूके के जोई कोविड ऐप से प्राप्त जानकारियों के आधार पर प्रोफेसर टिम स्पेक्टर कहते हैं, ओमिक्रॉन के इस सब-वैरिएंट के संक्रमण की स्थिति में लोगों में कॉमन कोल्ड जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना के खतरे से बचे रहने के लिए लोगों को कुछ लक्षणों को लेकर विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। बचाव के लिए सभी लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीनेशन पर जोर देना चाहिए। आइए जानते हैं कि कोरोना से बचे रहने के लिए किन लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है?
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना के क्या लक्षण होते हैं? - फोटो : Pixabay
नाक बहने और लगातार छींक आने की समस्या
जोई कोविड ऐप से प्राप्त जानकारियों के अनुसार ज्यादातर संक्रमितों में नाक बहने और लगातार छींक आने की समस्या देखी जा रही है। कोरोना वायरस ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करता है, यही कारण है कि लोगों में इस तरह के कॉमन कोल्ड जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इन दोनों लक्षणों के साथ लगातार बुखार, खांसी और गले में दिक्कतों का बने रहना, संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों के बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। 
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना संक्रमण में बदन दर्द की समस्या - फोटो : iStock
बदन और सिरदर्द की समस्या
कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट विशेषकर गले और नाक की ग्रंथियों को अधिक प्रभावित करता है, ऐसे में कॉमन कोल्ड के लक्षणों के साथ लोगों को बदन और सिरदर्द की दिक्कतों का भी अनुभव होता रह सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 के संक्रमण की स्थिति में सिरदर्द लगभग तीन दिनों तक बना रह सकता है। यदि आपको भी इस तरह की समस्याओं का अनुभव हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें। 

4 of 5
कोविड-19 के कारण कमजोरी की समस्या - फोटो : Pixabay
थकान और कमजोरी
कोरोना संक्रमण के दौरान और ठीक होने के बाद भी लोगों में थकान और कमजोरी की समस्या देखी जा रही है। लॉन्ग कोविड के रूप में ऐसी दिक्कतें ठीक होने के बाद हफ्तों से लेकर महीनों तक बनी रह सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से मुकाबले के दौरान शरीर में माइक्रोन्यूट्रियंट्स की तेजी से कमी होने लगती है जिसके कारण इस तरह की दिक्कतें होती हैं। यही कारण है कि संक्रमण के दौरान और ठीक होने के बाद भी आहार का विशेष ख्याल रखना बहुत आवश्यक माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना से बचाव की जरूरत - फोटो : Pixabay
कोरोना से बचाव के लिए फिलहाल क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी है ऐसे लोगों में संक्रमण के गंभीर मामलों का जोखिम बहुत कम देखा जा रहा है। स्टील्थ ओमिक्रॉन स्वाभाविक रूप से अधिक संक्रामक जरूर है पर इसके कारण ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं। खतरा सिर्फ उन लोगों में अधिक है जिनका या तो वैक्सीनेशन नहीं हुआ है या फिर वह पहले से ही कोमोरबिडिटी के शिकार हैं। ऐसे में सभी लोगों को लगातार कोरोना से बचाव के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।


---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें