फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid Vaccine: अध्ययन में दावा- हार्ट फेलियर से बचा सकती है कोविड वैक्सीन, ब्लड क्लॉटिंग का भी कम होता है खतरा

Tue, 19 Mar 2024 01:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हार्ट फेलियर से बचा सकती है कोविड वैक्सीन - फोटो : istock
कोरोना महामारी पिछले चार साल से अधिक समय से स्वास्थ्य के लिए जोखिम बनी हुई है। भले ही इन दिनों वैश्विक स्तर पर संक्रमण की रफ्तार काफी नियंत्रित देखी जा रही है पर अध्ययनकर्ता कहते हैं, सभी लोगों को कोरोना के खतरों को लेकर लगातार सावधानी बरतते रहना चाहिए। कोरोनावायरस में लगातार म्यूटेशन जारी है जिसके कारण नए वैरिएंट्स के आने का जोखिम हमेशा बना हुआ है।

हालांकि दुनियाभर में व्यापक कोरोना टीकाकरण अभियान और प्राकृतिक संक्रमण से बनी हर्ड इम्युनिटी ने समय के साथ संक्रमण की गंभीरता में कमी ला दी है। कोविड-19 वैक्सीन के कारण शरीर पर होने वाले असर को लेकर कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि वैक्सीन के कारण हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है, हालांकि बाद के अध्ययनों में इस दावे को खारिज कर दिया गया।

कोविड-19 वैक्सीन के प्रभावों को लेकर किए गए एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि वैक्सीन से हृदय स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं होता है, बल्कि ये टीके हार्ट फेलियर के जोखिमों से सुरक्षा देने वाले पाए गए हैं।


(कोविड-19 वैक्सीन का हार्ट पर क्या असर होता है, क्या कहते हैं स्वास्थ्य मंत्री- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
विज्ञापन

2 of 5
कोविड वैक्सीन और इसका प्रभाव - फोटो : PTI
कोविड-19 वैक्सीन का हार्ट पर असर

कोविड-19 वैक्सीन, कोरोना संक्रमण और इसके कारण होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने वाली मानी जाती रही है। अध्ययनकर्ता कहते हैं, वैक्सीन ले चुके लोग अगर संक्रमण के शिकार होते हैं तो उनमें अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु का खतरा कम होता है। कोविड-19 वैक्सीन से होने वाले फायदों को जानने के लिए किए गए हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि ये टीके हार्ट फेलियर होने के जोखिमों को भी कम करने में सहायक हो सकते हैं।

इंग्लैंड में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया जिन लोगों को COVID-19 टीके लगे हैं उनमें हार्ट फेलियर का जोखिम उन लोगों की तुलना में कम देखा जा रहा है, जिन्होंने टीका नहीं लगवाए हैं।
विज्ञापन

3 of 5
हृदय रोगों का बढ़ता खतरा और बचाव - फोटो : istock
हार्ट इंफ्लामेशन और ब्लड क्लॉटिंग का भी कम होता है खतरा

हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक टीके लगवाने के एक साल तक ये हार्ट को सुरक्षा देती हुई देखी जा रही है। वैक्सीनेशन के करीब 10-12 माह तक ये हृार्ट इंफ्लामेशन और रक्त के थक्कों को कम करने में मददगार पाई गई है। 

लेखकों ने बताया, महामारी की शुरुआत से ही इस बात को लेकर काफी चर्चा होती रही है कि कोरोनावायरस से संक्रमितों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है। अब इस शोध में दावा किया गया है कि टीकों की मदद से, कोरोना के इस गंभीर दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सकता है। 

4 of 5
कोरोना वैक्सीन और इसके प्रभाव - फोटो : पीटीआई
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

विश्वविद्यालय में ऑर्थोपेडिक्स, रुमेटोलॉजी और मस्कुलोस्केलेटल साइंसेज में प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखकों में से एक नूरिया मर्केड बेसोरा कहते हैं, हमारे निष्कर्ष इस तथ्य को पुष्ट करते हैं कि टीके संक्रमण को कम करने में प्रभावी हैं और गंभीर जोखिमों को भी कम करते हैं। ये परिणाम उन लोगों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं जो टीके के दुष्प्रभावों के संभावित जोखिम के बारे में चिंतित हैं।

शोधकर्ताओं ने यूनाइटेड किंगडम, स्पेन और एस्टोनिया में रहने वाले 20 मिलियन से अधिक लोगों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया है। लगभग आधे लोगों को बायोएनटेक/फाइजर, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका या जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा बनाए गए शॉट्स लगाए गए थे। इन टीकों को हार्ट के लिए काफी लाभप्रद बताया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोविड वैक्सीन और इसके प्रभाव - फोटो : istock
वैक्सीन के दुष्प्रभाव नहीं

इससे पहले के अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा था कि कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर रूप से हार्ट की सेहत को नुकसान पहुंचाती है, ब्लड क्लॉटिंग का खतरा हो सकता है जिससे हार्ट अटैक के खतरे भी बढ़ जाते हैं। हालांकि वैक्सीन के कारण इस तरह का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है, बल्कि कोविड वैक्सीन हृदय के लिए फायदेमंद हो सकती है। वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने का जरूरत नहीं है, ये पूरी तरह से सुरक्षित पाई गई है।



--------------
स्रोत और संदर्भ
The role of COVID-19 vaccines in preventing post-COVID-19 thromboembolic and cardiovascular complications

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें