कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इसकी दवा और वैक्सीन को लेकर अच्छी खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, इसके लक्षण, संक्रमण दर, संरचना से लेकर इलाज के नए विकल्पों की खोज में कई तरह की रिसर्च हो रही हैं। इसी क्रम में हुई एक नई रिसर्च में सामने आया है कि कोरोना के एसिम्प्टोमैटिक यानी बिना लक्षण वाले मरीजों में वायरस की संख्या अधिक होती है। हैदराबाद में 200 कोरोना मरीजों पर हुए शोध अध्ययन में यह दावा किया गया है। मरीजों से वायरस का सैंपल लेकर उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। इस शोध में कई अन्य तथ्यों के बारे में भी पता चला है।