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Covid-19 Symptoms: महिला-पुरुष को अलग तरीके से प्रभावित करता है संक्रमण, अध्ययन में सामने आई यह बड़ी जानकारी

Sun, 13 Feb 2022 05:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिलाओं में कोरोना के लक्षण - फोटो : iStock
Medically reviewed by-
डॉ शुचिन बजाज
निदेशक
(उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स) 


पिछले दो साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना के संक्रमण ने वैश्विक स्तर पर करोड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया, इसमें से लाखों लोगों की जान भी चली गई। कोरोना के आए कई वैरिएंट्स को लेकर किए गए अध्ययन में शोधकर्ता बताते रहे हैं कि इससे कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। चाहे वह किसी भी उम्र, लिंग को हो, स्वस्थ हो या कमजोर हो। हां, जिन लोगों की इम्युनिटी मजबूत होती है उनमें संक्रमण का खतरा या फिर होने वाली बीमारी की गंभीरता का जोखिम कम होता है। पर क्या कोरोना के लक्षण लिंग के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं? क्या महिला-पुरुष को संक्रमण के लक्षण अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं?

कोरोनावायरस के डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे वैरिएंट्स से संक्रमण की स्थिति में अलग-अलग तरह के लक्षण देखे गए हैं। गंभीर स्थितियों में संक्रमण के कारण लोगों को सांस न आने और निमोनिया जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। इस बीच एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि संक्रमण के कुछ लक्षण पुरुषों और महिलाओं को अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कोविड के कारण थकान की समस्या - फोटो : iStock
कोरोना के कारण थकान की समस्या
कोरोना के लक्षणों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम को एक बेहद दिलचस्प बात का पता चला। यूके के जोई कोविड अध्ययन ऐप के अनुसार, कोरोना के ज्यादातर वैरिएंट्स से संक्रमण की स्थिति में लोगों को थकान की समस्या होती रही है, पर यह  महिला-पुरुष को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकती है। 23 दिसंबर 2021 से 4 जनवरी 2022 तक रिकॉर्ड किए गए वेब पोल में वैज्ञानिकों को इस संबंध में आश्चर्यजनक बातें जानने को मिलीं। 
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महिलाओं में थकान की समस्या अधिक - फोटो : iStock
कोविड फटीग की समस्या ने अलग तरह से किया प्रभावित
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोविड के कारण थकान की समस्या महिला-पुरुष में अलग-अलग तरह की देखी गई। पोल के दौरान 34 फीसदी पुरुषों ने उत्तर दिया कि महामारी के दौरान उन्हें इस लक्षण का अनुभव हुआ जबकि  40% महिलाएं इसके लिए सहमत थीं। लोगों ने बताया कि थकान के कारण उन्हें गुस्सा अधिक आ रहा था और आसपास के माहौल ने उन्हें परेशान कर दिया था। 45 वर्ष से कम उम्र के लोगों में से लगभग आधे (46%) ने बताया कि उन्हें कोविड के कारण लगभग रोजाना थकान महसूस होती थी। महिलाओं को थकान की समस्या अधिक देखी गई।

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कोविड फटीग के बढ़े मामले - फोटो : Pixabay
महामारी के दौरान बढ़ी कोविड फटीग की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोविड फटीग की समस्या को महामारी के दीर्घकालिक प्रभाव के तौर पर देखते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि कोविड फटीग  के कारण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा, पहले की अपेक्षा लोगों में निराशा और ऊर्जा की कमी बढ़ गई। महामारी के निरंतर प्रसार के कारण लोगों में क्रोध, अधीरपन और चिड़चिड़ेपन की भावना बढ़ गई। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि कोविड फटीग ने लोगों की कार्य गुणवत्ता और उत्पादकता को भी प्रभावित किया।
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कोविड फटीग से बचाव के लिए सही करें लाइफस्टाइल - फोटो : istock
इन समस्याओं से कैसे पाएं छुटकारा?
अमर उजाला से बातचीत में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि पिछले करीब दो साल से हम सभी कोविड महामारी की चपेट में हैं। कोविड फटीग की समस्या से परेशान लोगों को  कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए सबसे आवश्यक है कि हम सभी स्वस्थ दिनचर्या का लगातार पालन करते रहें। लोगों से मिलें, अपनी परेशानियों को साझा करें। उन चीजों से सख्त दूरी बना लें जो शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हों। अच्छे आहार और नियमित व्यायाम का पालन करके कोविड फटीग की समस्या से राहत मिल सकती है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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