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JN.1 Variant: देश में कितने हैं संक्रमण के केस, कौन सा राज्य अब भी सबसे ज्यादा प्रभावित? यहां जानिए सबकुछ

Fri, 19 Jan 2024 01:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में संक्रमण के मामले - फोटो : istock
भारत में कोरोना संक्रमण के मामले पिछले डेढ़ महीने में तेजी से बढ़ते हुए देखे गए। 31 दिसंबर, 2023 को एक दिन में सबसे अधिक 841 नए मामले सामने आए थे, इसके बाद संक्रमण में ज्यादा उछाल नहीं देखा जा रहा है। कुल सक्रिय मामलों में से अधिकांश (लगभग 92 प्रतिशत) सेल्फ आइसोलेशन और सामान्य उपचार से ठीक हो रहे हैं।

हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दैनिक संक्रमितों के मामले अब धीरे-धीरे थमने लगे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सक्रिय मामले अब 21 दिसंबर 2023 के बाद से सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। गुरुवार को देश में कोरोना के एक्टिव केस 2,439 दर्ज किए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में एक दिन में 355 नए संक्रमणों की पुष्टि की गई है और सक्रिय मामलों की संख्या अब 2,331 है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के मामलों में सुधार आ रहा है, हालांकि यहां ध्यान रखना जरूरी है कि JN.1 वैरिएंट का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। देश के कई राज्य इससे प्रभावित हैं। इतना ही नहीं मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ये वैरिएंट कई देशों में तेजी से लोगों में संक्रमण के जोखिमों को बढ़ा रहा है।
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कोविड सब वेरिएंट JN.1 (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
किन राज्यों में JN.1 सबसे ज्यादा प्रभावी

गुरुवार को इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) द्वारा साझा की गई जानकारियों के अनुसार, देश में अब कोविड-19 सब-वेरिएंट JN.1 के कुल मामले 1,226 हैं। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में अब तक के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। ये वैरिएंट 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में देखा जा चुका है। कर्नाटक में JN.1 सब-वेरिएंट के 234 मामले पाए गए हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश (189), महाराष्ट्र (170), केरल (156), पश्चिम बंगाल (96), गोवा (90), तमिलनाडु (88) और गुजरात (76) हैं।
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कोरोना की जांच (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
संक्रमण के मामलों पर निगरानी रखने की सलाह

देश के कई राज्यों में ये वैरिएंट बढ़ा जरूर है पर स्थिति नियंत्रित है। पीटीआई द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में नए वैरिएंट के 37 मामले, तेलंगाना में 32, छत्तीसगढ़ में 25, दिल्ली में 16, उत्तर प्रदेश में 7, हरियाणा में पांच, ओडिशा में तीन और उत्तराखंड और नागालैंड में एक-एक मामला दर्ज किया गया।

देश में कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निरंतर संक्रमण पर निगरानी बनाए रखने को कहा है। राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई कोविड-19 के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों का लगातार पालन करते रहें।

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नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामले - फोटो : Istock
दिल्ली-एनसीआर में कैसी ही स्थिति?

दिल्ली में कोरोना की स्थिति के बारे में जानने के लिए हमने एक निजी अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा विभाग के डॉक्टर एम.आर.सैफ से बातचीत की। डॉक्टर कहते हैं, यहां कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रित है। JN.1 वैरिएंट को दिल्ली-एनसीआर में ज्यादा बढ़ते नहीं देखा गया है। जिन रोगियों में संक्रमण की पुष्टि हुई भी थी, वह सेल्फ आइसोलेशन और सामान्य उपचार के माध्यम से आसानी से ठीक हो गए हैं।

हमारे अस्पताल में फिलहाल संक्रमण का कोई भी केस नहीं है। एक मरीज को दिसंबर में भर्ती किया गया था, हालांकि वह अब पूरी तरह से ठीक हो चुका है।
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कोरोना से बचाव के लिए करें उपाय - फोटो : PTI
क्या है डॉक्टर्स की सलाह?

डॉक्टर कहते हैं, कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव लगातार देखा जा रहा है। नए वैरिएंट्स भी सामने आ रहे हैं, इससे स्पष्ट होता है कि वायरस हमारे वातावरण में है और मौका मिलते ही बढ़ना शुरू कर देता है। देश में पिछले 4-5 दिनों से दैनिक संक्रमण के मामले कम हुए हैं। हमें लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की स्वच्छता का हमेशा ध्यान रखें। ये कोरोना के साथ आपको कई और प्रकार की संक्रामक बीमारियों से बचाकर रखने में मददगार है। जिस तरह से कई देशों में नए वैरिएंट के कारण संक्रमण बढ़ा है, हमें हमेशा अलर्ट रहने की आवश्यकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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