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Covid-19: दिल्ली में JN.1 वैरिएंट का कितना असर, अस्पतालों में बढ़े हैं मरीज? डॉक्टर से जानिए कोरोना के हालात

Tue, 09 Jan 2024 01:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के मामलों में वृद्धि - फोटो : istock
भारत में पिछले करीब डेढ़ महीने से कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते से औसतन रोजाना 500-600 लोगों में नए मामलों की पुष्टि की जा रही है। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के डेटा से पता चलता है कि ये नया वैरिएंट भारत के भी अधिकांश हिस्सों में फैल चुका है।

8 जनवरी 2024 तक नया वैरिएंट JN.1 देश 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में 819 लोगों को संक्रमित कर चुका है। महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक कोरोना के बढ़ते मामलों से सबसे प्रभावित राज्य हैं। यहां अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई देखी जा रही है। महाराष्ट्र से नए वैरिएंट के 250, कर्नाटक से 199, केरल से 148, गोवा से 49, गुजरात से 36, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से 30-30, तमिलनाडु और तेलंगाना से 26-26, दिल्ली में 24, ओडिशा में तीन और हरियाणा में एक मामला सामने आया है। 



केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में 475 नए केस दर्ज किए गए, छह लोगों की संक्रमण से मौत (कर्नाटक से तीन, छत्तीसगढ़ से दो और असम से एक) भी हुई है। एक्टिव केस अब 3919 हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नए वैरिएंट के कारण भले ही गंभीर रोग के मामले कम देखे जा रहे हैं, लोग आसानी से घर पर रहकर ठीक हो रहे हैं, पर जिस तीव्रता के साथ इस वैरिएंट की संक्रमण बढ़ाने वाली प्रकृति है, वो भविष्य के लिए गंभीर संकेत दे रही है। सभी लोगों को कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए निरंतर उपाय करते रहने की आवश्यकता है।

कोरोना से दिल्ली में कैसे हालात हैं, क्या यहां भी संक्रमण बढ़ रहा है? आइए जानते हैं।
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दिल्ली में कोरोना के मामले - फोटो : PTI
दिल्ली में कोरोना की स्थिति

मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी में भी कोरोना के नए वैरिएंट के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ा है। आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में नए वैरिएंट JN.1 के कारण अब तक 24  मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मरीज दिल्ली के बाहर से थे। ये सभी संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।

अधिकारियों ने सोमवार को कहा, चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि मरीजों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं। JN.1 सब-वैरिएंट की पहली मरीज को लक्षण दिखने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में वह ठीक हो गई। 
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कोरोना का जोखिम - फोटो : ANI
ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना से संक्रमित होने वाले सभी लोग ठीक हो चुके हैं। अधिकारियों ने कहा, ''हमने अब तक जो सीखा है वह यह है कि अगर किसी में संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं, अगर वो सेल्फ आइसोलेट हो जाए, खान-पान का ध्यान रखें आराम करे तो लक्षण अपने आप ठीक होने लगते हैं। दिसंबर 2023 में दिल्ली में JN.1 वैरिएंट का पहला मामला दर्ज किया था। शायद अब तक किसी में यहां गंभीर लक्षण नजर आए हों, ज्यादातर मरीज दो से तीन दिनों के भीतर ठीक हो रहे हों। हालांकि वैरिेएंट की प्रकृति को देखते हुए सभी लोगों को कोरोना से बचाव करते रहने की सलाह दी जाती है।

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दिल्ली में कोरोना के हालात - फोटो : iStock
क्या कहते हैं डॉक्टर?

अस्पतालों में कोरोना की स्थिति के बारे में जानने के लिए हमने नोएडा के एक निजी अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर अमृत गु्प्ता से बातचीत की। डॉ गुप्ता बताते हैं, कोरोना के मामले पूरे देश में रिपोर्ट हो रहे हैं, दिल्ली-एनसीआर में भी संक्रमण देखा गया है पर अस्पतालों में भीड़ ज्यादा नहीं है। इस वैरिएंट के कारण संक्रमण के शिकार ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं, कुछ मरीज जो पिछले साल ओमिक्रॉन के कारण संक्रमण के चलते अस्पतालों में भर्ती हुए थे, उनमें कोमोरबिडीटी की हिस्ट्री रही थी। जिसका मतलब है कि अगर आपको पहले से कोई क्रोनिक बीमारी नहीं है तो कोरोना के संक्रमण की स्थिति में रोग के गंभीर रूप लेने का खतरा बहुत कम है।
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कोरोना और वायरल फीवर में अंतर - फोटो : iStock
लक्षणों पर गंभीरता से दें ध्यान

डॉक्टर अमृत कहते हैं, यहां एक बात पर ध्यान देने की और भी आवश्यकता है, कोरोना के साथ ये देश में सर्दियों का भी मौसम है। इस मौसम में फ्लू संक्रमण और सर्दी-जुकाम होना काफी सामान्य है। इसके ज्यादातर लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते देखे जाते रहे हैं। ऐसे में हर बार सर्दी-जुकाम होने का मतलब कोरोना ही नहीं है। लक्षणों पर नजर रखें और पौष्टिकता-आराम पर ध्यान दें। अगर 4-5 दिनों में लक्षणों में आराम नहीं मिल रहा है तो कोविड-19 की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयों का सेवन करें। कोरोना से घबराएं नहीं, बल्कि बचाव के उपाय करते रहें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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