भारत में पिछले करीब डेढ़ महीने से कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते से औसतन रोजाना 500-600 लोगों में नए मामलों की पुष्टि की जा रही है।
इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के डेटा से पता चलता है कि ये नया वैरिएंट भारत के भी अधिकांश हिस्सों में फैल चुका है।
8 जनवरी 2024 तक नया वैरिएंट JN.1 देश 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में 819 लोगों को संक्रमित कर चुका है। महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक कोरोना के बढ़ते मामलों से सबसे प्रभावित राज्य हैं। यहां अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई देखी जा रही है। महाराष्ट्र से नए वैरिएंट के 250, कर्नाटक से 199, केरल से 148, गोवा से 49, गुजरात से 36, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से 30-30, तमिलनाडु और तेलंगाना से 26-26, दिल्ली में 24, ओडिशा में तीन और हरियाणा में एक मामला सामने आया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में 475 नए केस दर्ज किए गए, छह लोगों की संक्रमण से मौत (कर्नाटक से तीन, छत्तीसगढ़ से दो और असम से एक) भी हुई है। एक्टिव केस अब 3919 हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नए वैरिएंट के कारण भले ही गंभीर रोग के मामले कम देखे जा रहे हैं, लोग आसानी से घर पर रहकर ठीक हो रहे हैं, पर जिस तीव्रता के साथ इस वैरिएंट की संक्रमण बढ़ाने वाली प्रकृति है, वो
भविष्य के लिए गंभीर संकेत दे रही है। सभी लोगों को कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए निरंतर उपाय करते रहने की आवश्यकता है।
कोरोना से दिल्ली में कैसे हालात हैं, क्या यहां भी संक्रमण बढ़ रहा है? आइए जानते हैं।