फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण: डॉक्टर की सलाह- सर्दी-जुकाम होते ही तुरंत न कराएं जांच, जानिए JN.1 का इनक्यूबेशन पीरियड

Tue, 16 Jan 2024 01:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना संक्रमण के लक्षण - फोटो : iStock
कोरोना का नया वैरिएंट JN.1 पिछले डेढ़ महीने से दुनियाभर में तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। अब तक हुए अध्ययनों में पाया गया है कि भले ही इसकी संक्रामकता दर ओमिक्रॉन के अन्य वैरिएंट्स से ज्यादा है पर इसके कारण गंभीर रोगों के विकसित होने का जोखिम कम देखा जा रहा है। अमेरिका, सिंगापुर जैसे देशों में इस वैरिएंट के कारण तेजी से संक्रमण के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए हैं, यहां अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इतना ही नहीं हालिया रिपोर्ट्स में विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि कोरोना के इस वैरिएंट के कारण जनवरी में चीन में संक्रमण में एक बार फिर से उछाल आ सकती है। मसलन कोरोना का JN.1 वैरिएंट वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाता हुआ देखा जा रहा है।

भारत में इसके जोखिमों को देखें तो पता चलता है कि पिछले दो-तीन दिनों से यहां दैनिक संक्रमण के मामलों में कमी आई है। करीब 20 दिनों से जहां रोजाना 500-600 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा रही थी, वह घटकर अब औसतन रोजाना 300 रह गई है। 
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना के नए वैरिएंट्स - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण और टेस्टिंग

कोरोना के इस नए वैरिएंट के बढ़ने के साथ देश में पिछले एक महीने से कोविड टेस्टिंग भी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोविड की जांच कराना सभी के लिए जरूर नहीं है, इन दिनों फ्लू और ठंड के कारण सर्दी-जुकाम के मामले भी बढ़ रहे हैं, जरूरी नहीं है कि ये कोविड के कारण ही हो। कोविड की जांच को लेकर कई राज्य सरकारों ने दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आइए जानते है कि कोविड-19 का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है और कब आपको इसकी जांच के लिए जाना चाहिए?
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना के लक्षण - फोटो : iStock
पहले जान लीजिए इनक्यूबेशन पीरियड क्या होता है?

इनक्यूबेशन पीरियड या ऊष्मायन अवधि उस समय को कहते हैं, जो वायरस के संपर्क में आने के बाद लक्षणों के विकसित होने में लगता है। हर संक्रमण के लिए ऊष्मायन अवधि अलग-अलग हो सकती है। अमर उजाला से बातचीत में कोविड रोगियों का इलाज करने वाले इंटेंसिव केयर के डॉक्टर विनीत श्रीवास्तव बताते हैं, कोरोनावायरस का इनक्यूबेशन पीरियड 4-10 दिनों का हो सकता है। पहले के कोरोना वैरिएंट्स की ही तरह इस वैरिएंट से संक्रमण में भी लक्षण दिखने में इतना समय लग सकता है। आमतौर पर 6-8 दिनों में संक्रमण के लक्षण अधिक स्पष्ट होने लगते हैं।

4 of 5
कोरोना की जांच - फोटो : पीटीआई
कब कराना चाहिए परीक्षण?

अगर आपमें भी कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो इनक्यूबेशन पीरियड का इंतजार करने से टेस्ट रिपोर्ट सही आने की संभावना अधिक होती है। यदि हाल ही में आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं और लक्षण नजर आ रहे हैं तो 4-6 दिनों के बाद ही जांच के लिए जाना चाहिए। लक्षण आते ही परीक्षण कराने से रिपोर्ट के स्पष्ट न होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा सामान्यतौर पर फ्लू या सर्दी-जुकाम की समस्या 4-5 दिनों में ठीक हो जाती है। ऐसे में अगर आपमें लक्षण कोविड-19 के कारण नहीं थे तो ये स्वत: 5 दिनों के भीतर सही हो जाते हैं और आपको टेस्ट की जरूरत भी नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना के कारण होने वाली समस्या - फोटो : iStock
इन लक्षणों के बारे में भी जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में भी लोगों में अपर रेस्पोरेटरी लक्षण ही ज्यादा देखे जा रहे हैं, जैसा कि पहले के वैरिएंट्स के कारण था। JN.1 के कारण संक्रमण की स्थिति में हल्के स्तर के लक्षण देखे जा रहे हैं। ज्यादातर लोगों में खांसी-जुकाम, सिरदर्द-शरीर में दर्द, गले में दर्द-खराश के साथ कुछ लोगों को सांस की दिक्कत हो सकती है। कोरोना के गंभीर लक्षण या फिर अस्पताल में भर्ती होने की आशंका उन्हीं लोगों में अधिक देखी जा रही है जो पहले से ही कोमोरबिडिटी के शिकार रहे हैं।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें