कोरोना का डेल्टा वैरिएंट दुनियाभर में तेजी से पैर फैला रहा है। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक अबतक दुनियाभर के 96 से अधिक देशों में यह वैरिएंट पहुंच चुका है। इस वैरिएंट के तेजी से बढ़ते प्रसार को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आशंका जताई है कि आने वाले कुछ महीनों में यह और भी प्रभावी हो सकता है, जोकि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। डेल्टा वैरिएंट को ही भारत में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आई तबाही का मुख्य कारण माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों को यह भी कहना है कि डेल्टा वेरिएंट का म्यूटेटेड रूप डेल्टा प्लस, भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक तीसरी लहर से सुरक्षा देने में वैक्सीनेशन ही सबसे बड़ा हथियार हो सकता है, हालांकि देश में मौजूद कोरोना की वैक्सीन इस वैरिएंट पर कितनी प्रभावी हैं, यह भी अभी सवालों के घेरे में है।
इस बीच हाल ही में हुए दो अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' को डेल्टा वैरिएंट्स के खिलाफ काफी असरदार होने का दावा किया है। अध्ययनों में दावा किया गया है कि भारत बायोटेक की कोवैक्सिन अल्फा और डेल्टा दोनों प्रकार के कोरोनावायरस के खिलाफ प्रभावी है। इस अध्ययन ने लोगों को नई उम्मीद दी है, आइए इस लेख में अध्ययन की महत्वपूर्ण बातों को विस्तार से जानते हैं।