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कोरोना अलर्ट: बच्चों में ये 10 लक्षण दिखते ही तुरंत उठाएं ये जरूरी कदम, नजरअंदाज करना हो सकता है खतरनाक

Tue, 06 Jul 2021 02:26 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
डॉ राजेश मुंडेजा
जनरल फिज़ीशियन
अनुभव- 25 साल से ज्यादा

Medically Reviewed by Dr. Rajesh Mundeja

कोरोना वायरस एक बेहद ही खतरनाक महामारी है, जिसने लगभग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया। चीन से शुरू हुआ ये वायरस आज लगभग हर किसी की जिंदगी को किसी न किसी तरह से प्रभावित कर चुका है। ये वायरस लोगों को संक्रमित कर चुका है, लोगों की जान ले चुका है और यहां तक कि इस वायरस की वजह से लोगों की आर्थिक हालत तक बुरी हो चुकी है। भारत में भी इस वायरस का प्रभाव साफ देखा जा रहा है। देश में वायरस की पहली लहर के बाद दूसरी लहर आई, जिसने हर किसी को डराकर रख दिया। वहीं, अब विशेषज्ञ पहले ही तीसरी लहर आने की आशंका जाहिर कर चुके हैं, जिसे बच्चों के लिए काफी घातक बताया जा रहा है। ऐसे में कोरोना के कुछ लक्षण हैं, जो बच्चों में नजर आ सकते हैं और आपको इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज:

-बुखार आना
-खांसी आना
-सांस लेने में तकलीफ होना
-गले में खराश होना
-नाक का बहना
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
-ठंड लगना
-मांसपेशियों में दर्द होना
-सिरदर्द होना
-स्वाद या गंध की कमी
-मतली या उल्टी होना।

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बच्चों को मास्क पहनना जरूरी - फोटो : Pixabay
ऐसे रखें बच्चों का ध्यान:-

-बच्चों को मास्क पहनाए। आप अगर बच्चों को शुरू से मास्क पहनाने की आदत डालेंगे, तो कुछ समय बाद वे इसका खुद ही उपयोग करने लगेंगे।

-बच्चों को घर से बाहर न ले जाएं। पार्क में न खेलने दें, घर में ही उन्हें गेम खिलाएं, उनकी आदत बनाए कि वे घर से बाहर न जा पाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
-घर में कोई मेहमान या अन्य कोई भी आता है, तो बच्चों को उसके संपर्क में न आने दें।

-हाथों को धोना उन्हें सिखाएं। अगर बच्चे छोटे हैं, तो आप खुद समय-समय पर उनके हाथ धोते रहें, उन्हें नहलाएं आदि। 

-बच्चों को खाने में एक अच्छी डाइट दें, जिसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और खासतौर पर विटामिन-सी मौजूद हो।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम से खतरा
  • विशेषज्ञ पहले ही तीसरी लहर की आशंका जता चुके हैं, और उनके मुताबिक इसका सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को हो सकता है। वहीं, कई बच्चों में देखा जाता है कि वायरस से संक्रमित होने के कई सप्ताह बाद भी उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई दे सकते हैं और इसे मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम कहा जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम में बच्चे के सीने में दर्द, होंट या चेहरे का नीला पड़ना, सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में इन लक्षणों को बिना नजरअंदाज किए, आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। देखा गया है कि अस्पताल में इलाज से बच्चे स्वस्थ हो जाते हैं। इसलिए बिना घबराए डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर विकल्प माना जाता है।

नोट: डॉक्टर राजेश मुंडेजा, सऊदी अरब, मॉरीशस, मालदीव और भारत सहित विभिन्न देशों में काम करने के साथ 25 + वर्षों के अनुभव वाले एक जाने-माने चिकित्सक हैं। इन्होंने बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ इन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय में चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में काम किया है, और उजाला सिग्नस अस्पताल में शामिल होने से पहले आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के महामृत्युंजय अस्पताल में निर्देशक , वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के प्रमुख रहे हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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