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कोरोना: जब ब्रिटेन ने घटाया तो भारत ने क्यों बढ़ाया वैक्सीन की खुराकों के बीच अंतराल? जानिए सबकुछ

Sun, 16 May 2021 07:14 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
हाल ही में केंद्र सरकार ने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक के बीच के अंतराल को बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने की एडवाइजरी जारी की थी, जबकि पहले यह अंतराल 6-8 हफ्ते का था। दरअसल, भारत में टीकाकरण को लेकर बनाए गए सरकारी पैनल ने यह सुझाव दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया। कहा गया कि ब्रिटेन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह पर ऐसा किया गया, लेकिन अब ब्रिटेन ने खुद इस अंतर को कम कर दिया है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है कि ब्रिटेन में अब लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक 12 हफ्ते के बजाय आठ हफ्तों में दी जाएगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि 50 साल से ऊपर और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक जल्द से जल्द दी जाएगी। दरअसल, कहा जा रहा है कि ब्रिटेन में वैक्सीन की दोनों खुराक के बीच अंतर भारत में पहली बार खोजे गए B.1.617 वैरिएंट का हवाला देते हुए घटाया गया है।      
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
बोरिस जॉनसन का कहना है कि B.1.617 वैरिएंट 50 फीसदी अधिक संक्रामक है और इससे अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ये वैरिएंट ब्रिटेन में प्रमुख वैरिएंट बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में मिले कोरोना वैरिएंट के कारण ब्रिटेन में लॉकडाउन में ढील देने की योजना में रुकावट आ सकती है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, ब्रिटेन सरकार ने इस साल जनवरी में वैक्सीन की दूसरी खुराक के लिए 21 दिन का समय निर्धारित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 12 हफ्ते किया गया था। इंग्लैंड के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रोफेसर क्रिस व्हिट्टी ने तब कहा था कि इस अंतर को बढ़ाने से कई और लोगों को और अधिक तेजी से टीका लगाया जा सकेगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत सरकार ने कहा है कि दोनों खुराक के बीच अंतर बढ़ाने की सिफारिश करने वाले वैक्सीन विशेषज्ञ समूह का आकलन यह है कि टीके की एक खुराक भी बीमारी की रोकथाम में 60-85 फीसदी प्रभावी है और संक्रामकता को रोकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
क्या अंतर रखने से बढ़ जाती है प्रभावकारिता? 
  • अमर उजाला से बातचीत में आकाश हेल्थकेयर के डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनल मेडिसिन में सीनियर कंसल्टेंट डॉ विक्रमजीत सिंह ने बताया कि वैक्सीन की पहली खुराक के बाद अगर दूसरी खुराक चार हफ्तों के बाद दी जाती है तो इसकी प्रभावकारिता 65 फीसदी के करीब देखी गई है, जबकि अगर इस अंतराल को अगर 8 से 12 हफ्तों का कर दिया जाए तो वैक्सीन की प्रभावकारिता 80 फीसदी के करीब हो जाती है। कोविशील्ड वैक्सीन की निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला का भी कहना है कि वैक्सीन की खुराक में बढ़ाया गया अंतराल इसकी प्रभावकारिता और प्रतिरक्षात्मकता, दोनों ही दृष्टिकोणों से फायदेमंद है। 
नोट: यह लेख ट्वीट और तमाम मीडिया रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है। लेख को मेडिकली अप्रूव करने के लिए आकाश हेल्थकेयर के डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन में सीनियर कंसल्टेंट डॉ विक्रमजीत सिंह और दिल्ली के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ राजीव डबास से बातचीत के अंश को भी शामिल किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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