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Coronavirus Vaccine: कोरोना की वैक्सीन केवल 225 रुपये में, आखिर क्या है इसके पीछे का गणित?

Sat, 08 Aug 2020 11:49 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस के बढ़ता संक्रमण दुनियाभर के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। 210 से ज्यादा देश इस महामारी से प्रभावित है। इस महामारी पर नियंत्रण के लिए जिस एक चीज का दुनिया को इंतजार है, वह है कोरोना की वैक्सीन। कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने के लिए दुनियाभर में 200 से ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है और अच्छी खबर यह है कि इनमें से 21 से ज्यादा वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल में है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च पर तैयार की जा रही वैक्सीन भी इन्हीं में से एक है। यह वैक्सीन आखिरी दौर में है और अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया भारत में इसे कोविशील्ड नाम से लॉन्च करने जा रही है। शुक्रवार को कंपनी की ओर से जारी बयान के बाद इस बात की चर्चा तेज है कि इसे महज 225 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। वैक्सीन की कीमत को लेकर आखिर क्या गणित है? 
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • 225 रुपये कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध होगी, ऐसा क्यों कहा जा रहा है? यह बताने से पहले आपको जानकारी दे दें कि दुनिया की अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया का दावा है कि लोगों के लिए जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध होगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अलावा कंपनी नोवावैक्स की वैक्सीन का भी उत्पादन करने वाली है।
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Adar Poonawala - फोटो : Social Media @AdarPoonawala
  • शुक्रवार को कंपनी ने बड़ी साझेदारी होने की सूचना दी है। इसके तहत भारत और निम्न आय वाले देशों के लिए वैक्सीन की 100 मिलियन यानी 10 करोड़ खुराक के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि वैक्सीन के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी(Gavi) के साथ बड़ी साझेदारी हुई है।

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पीएम मोदी और बिल गेट्स (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
  • गावी(Gavi) बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पब्लिक प्राइवेट ग्लोबल हेल्थ पार्टनरशिप के तहत गरीब देशों में टीकाकरण अभियान को समर्थन और सहयोग करना है। साझेदारी के तहत बनाई जाने वाली वैक्सीन की 19 करोड़ खुराक भारत और गरीब देशों के लिए होगी।
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
'225 रुपये में वैक्सीन'
  • भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को दो वैक्सीन (ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और नोवावैक्स की वैक्सीन) के उत्पादन में साझेदारी के तहत बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने करीब 150 मिलियन डॉलर की मदद करने का फैसला लिया है। पुणे स्थित इस कंपनी को प्रति खुराक तीन डॉलर लागत आ सकती है। तीन डॉलर को रुपये में आंका जाए तो यह लगभग 225 रुपये है। इसलिए 225 रुपये में वैक्सीन उपलब्ध कराने जाने की बात कही जा रही है।
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : डेमो
  • बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन अपने स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट फंड का उपयोग करते हुए, सीरम इंस्टीट्यूट को अपफ्रंट कैपिटल देगा ताकि उन्हें वैक्सीन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सके। भारत और निम्न आय वाले देशों के लिए कोरोना वैक्सीन की 100 मिलियन खुराक तैयार की जाएगी।
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
  • वैक्सीन के उत्पादन और वितरण में तेजी लाने के लिए यह साझेदारी की गई है। खबरों के मुताबिक, एक बार वैक्सीन फाइनल होते ही इसका उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। साल 2021 की पहली छमाही में भारत और अन्य देशों में वितरण के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा।
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