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Coronavirus Vaccine: देश के किस नेता ने कौन सी वैक्सीन लगवाई और उस टीके की खासियत क्या है? जानिए सबकुछ

Thu, 04 Mar 2021 04:29 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
भारत में अब कोरोना वायरस से स्वस्थ होने की दर 97.03 फीसदी तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार को 14 हजार से अधिक कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। हालांकि देश में टीकाकरण अभियान भी काफी तेजी से चल रहा है। यहां अब तक एक करोड़ 66 लाख से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। एक मार्च से देश में टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू हुआ है, जिसके तहत बुजुर्गों और वैसे लोगों को टीका लगाया जा रहा है, जो किसी न किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इस दूसरे चरण में देश के कई नेताओं ने भी टीका लगवाया है। आइए जानते हैं कि किस नेता ने कौन सी वैक्सीन लगवाई है और उस वैक्सीन की खासियत क्या है... 
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वैक्सीन लगवाते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : Twitter/@rashtrapatibhvn
नेताओं के बारे में बात करने से पहले हम देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बारे में बताते हैं, जिन्होंने दिल्ली के आर. आर. अस्पताल में कोविड का पहला टीका लगवाया है। हालांकि उन्होंने कोविशील्ड और कोवैक्सीन में से कौन सा टीका लगवाया है, इस बारे में जानकारी नहीं मिली है। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock
देश के राष्ट्रपति के अलावा सिक्किम और मेघालय के राज्यपाल भी कोरोना की वैक्सीन ले चुके हैं। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को शिलांग के एक सरकारी अस्पताल में कोविशील्ड टीके की पहली खुराक दी गई, जबकि सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद को कौन सा टीका दिया गया, इसकी जानकारी नहीं है। 

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वैक्सीन लगवाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Twitter/@narendramodi
देश के नेताओं की अगर बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मार्च को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगवाया था। उन्होंने देसी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' पर भरोसा जताया। उन्होंने सभी लोगों से टीका लगवाने की अपील भी की और कहा कि हम सबको मिलकर भारत को कोविड मुक्त बनाना है। 
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वैक्सीन लगवाते विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर - फोटो : Twitter/@DrSJaishankar
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर, स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह भी कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। राजनाथ सिंह को दिल्ली में सेना के अस्पताल में टीका लगाया गया, जबकि डॉक्टर हर्षवर्धन ने दिल्ली के हार्ट एंड लंग्स इंस्टीट्यूट में कोविड का टीका लगवाया। वहीं गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने सिकन्दराबाद के गांधी अस्पताल में टीका लगवाया। 
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वैक्सीन लगवाते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - फोटो : Twitter/@NitishKumar
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। उन्होंने पटना के आईजीआईएमएस में वैक्सीन की पहली खुराक ली थी। उन्होंने ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड पर भरोसा जताया है। अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी टीके की पहली खुराक ले चुके हैं। अरविंद केजरीवाल और उनके माता-पिता को दिल्ली स्थित लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में कोविशील्ड टीके की पहली खुराक दी गई। इन सभी नेताओं ने देश के नागरिकों से टीका लगवाने की अपील की है, ताकि इस महामारी को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके। 
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कोवैक्सिन और कोविशील्ड - फोटो : PTI/twitter@seruminstitute
कोवैक्सीन और कोविशील्ड की खासियत? 
  • स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि दोनों ही वैक्सीन प्रतिरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित हैं। कोवैक्सीन को भारत बायोटेक कंपनी ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर बनाया है। इसे बनाने में मृत कोरोना वायरस का इस्तेमाल किया गया है। वहीं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी द्वारा विकसित वैक्सीन कोविशील्ड का उत्पादन भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है। इस वैक्सीन का विकास कॉमन कोल्ड एडेनोवायरस से किया गया है। ये दोनों ही वैक्सीन दो-दो खुराक वाली हैं, जिन्हें रखने के लिए सामान्य तापमान की जरूरत होती है। फ्रिज में इन्हें कम से कम छह महीने तक स्टोर करके रखा जा सकता है। विभिन्न ट्रायल में कोविशील्ड 70-90 फीसदी प्रभावी पाई गई है, जबकि तीसरे चरण के अंतरिम नैदानिक जांच में कोवैक्सीन टीका 81 फीसदी कारगर साबित हुआ है। 
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