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तीसरी लहर अलर्ट: बच्चे, युवा या बुजुर्ग, कोई भी हो सकता है संक्रमित, कोरोना से बचने के ये हैं 6 उपाय

Mon, 19 Jul 2021 11:10 AM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों में कोरोना के लक्षण - फोटो : Pixabay
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन
अनुभव- 25 साल

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

भारत में कोरोना की पहली लहर ने इतना कहर नहीं मचाया, जितना दूसरी लहर ने मचाया। पूरा का पूरा हेल्थ सिस्टम हिल चुका था, अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत से लेकर बेड की कमी साफ नजर आई जिसकी वजह से काफी ज्यादा संख्या में संक्रमितों को अपनी जान तक गवानी पड़ी। वहीं, विशेषज्ञ भारत में कोरोना की तीसरी लहर आने की चेतावनी पहले ही दे चुके हैं। ऐसे में दूसरी लहर जैसी गलती न हो जाए, इसके लिए कई स्तर पर सरकारों से लेकर अस्पताल प्रशासन तक तैयारियां कर रहे हैं। लेकिन क्या आम आदमी को इस तीसरी लहर से बचने के लिए तैयारियां नहीं करनी चाहिए? क्योंकि कुछ बातें ऐसी हैं जिनका हम पालन करके खुद को और अपनों को इस कोरोना की तीसरी लहर से बचाने में काफी योगदान दे सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इन बातों के बारे में।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
वैक्सीनेशन है जरूरी
  • कोरोना वायरस से अगर पूरी तैयारी के साथ लड़ना है, तो आपकी इस तैयारी में टीकाकरण एक अहम रोल निभा सकता है। हर किसी को अपनी बारी आने पर कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। खुद तो लगाएं, साथ ही अपने जानने वाले लोगों को और अपने आसपास के लोगों को भी वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करें। कोरोना की वैक्सीन आपके शरीर में एंटीबॉडी बनाकर आपको तीसरी लहर से लड़ने में मदद कर सकती है। वहीं, मौजूदा समय में बच्चों के लिए भारत में टीकाकरण उपलब्ध नहीं है। लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बच्चों की वैक्सीन भी देश में उपलब्ध होगी।
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मास्क कोरोना के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है - फोटो : iStock
मास्क का करें इस्तेमाल
  • आपने चाहे वैक्सीन लगाई है या फिर नहीं। इस बात से मास्क पहनने को लेकर कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि दोनों ही स्थिति में आपको मास्क पहनना है। एक ऐसा मास्क पहने जो आपके चेहरे को अच्छे से ढक सके, मास्क को बार-बार छूने से बचें और समय-समय पर मास्क को बदलते रहें आदि। खुद तो मास्क पहने ही साथ ही अपने बच्चों को भी जरूर मास्क पहनाकर रखें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लोगों से बनाएं दूरी
  • कोरोना काल में जरूरी है कि हर किसी को सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए। किसी से मिलते समय, दुकानों पर, मॉल में, दफ्तर में, सार्वजनिक वाहन में या किसी अन्य स्थान पर आपको लोगों से उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। कोई खांस रहा हो या छींक रहा हो तो उससे दूर रहें। साथ ही उसको कोविड टेस्ट कराने की सलाह जरूर दें।
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शिमला में सैलानियों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
बिन वजह घर से न निकलें बाहर
  • देखा जा रहा है कि लोग अपनी लॉकडाउन की बोरियत मिटाने के लिए पहाड़ों पर घूमने जा रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर का खतरा वहां काफी बढ़ गया है। पहाड़ों पर जिस तरह से पर्यटकों की भीड़ नजर आ रही है, ये किसी खतरे की आहट हो सकती है। इसलिए आपको ध्यान देना है कि बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न जाएं, बच्चों और बुजुर्ग लोगों को तो खासतौर पर बाहर न जाने दें आदि।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सैनिटाइजर है जरूरी
  • कोरोना हमारे हाथों के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करके हमारे फेफड़ों पर अटैक कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर हाथों को साबुन से या सैनिटाइजर से साफ करते रहें, घर पर लाने वाले सामान को सैनिटाइज करें, बच्चों को हाथ धोना सिखाएं और अगर आप कहीं बाहर से आ रहे हैं तो ऐसे में नहाना बेहतर विकल्प है।
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बच्चों में कोरोना(सांकेतिक) - फोटो : i stock
बच्चों का रखें खास ध्यान
  • जैसा कि विशेषज्ञ आशंका जता चुके हैं कि कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर छोटे मासूम बच्चों पर हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो स्थिति काफी भयावह हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों का ध्यान रखें, उन्हें घर के बाहर न जाने दें, घर पर ही रखें, मास्क पहनाकर रखें, हाथों को साफ करवाते रहें आदि।

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में  डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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