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Coronavirus: कोरोना वायरस को दोबारा पैदा होने से रोका जा सकता है, वैज्ञानिकों ने विकसित किया नया उपचार

Fri, 05 Mar 2021 08:36 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : iStock
कोरोना महामारी को खत्म करने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। दुनियाभर में इसके खिलाफ टीकाकरण अभियान तो चल ही रहे हैं, साथ ही इस बीमारी के नए-नए इलाज भी खोजे जा रहे हैं। इसी क्रम में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नया उपचार विकसित किया है, जिसके जरिये शरीर में कोविड-19 और फ्लू जैसे वायरस को दोबारा पैदा होने से रोका जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस उपचार में दवा को एक नेबुलाइजर की मदद से फेफड़ों तक पहुंचाया जा सकता है। इस उपचार की खोज करने वाले शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसका उपयोग करना बहुत ही आसान है। मरीज इसका इस्तेमाल घर पर खुद से ही कर सकते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यह नया उपचार सीआरआईएसपीआर तकनीक पर आधारित है। इसके बारे में 'नेचर बायोटेक्नोलॉजी' नामक पत्रिका में विस्तार से बताया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह नया उपचार बेहद तेजी से संक्रमण फैलाने में सक्षम कोरोना वायरस के स्ट्रेन के खिलाफ भी प्रभावकारी लगता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इस नए उपचार को अमेरिका के जॉर्जिया प्रौद्योगिकी संस्थान और इमोरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। उन्होंने सीएएस13ए प्रोटीन के लिए कोड तय करने के लिए उस तकनीक का इस्तेमाल किया, जो आरएनए जेनेटिक कोड के भागों को समाप्त करता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, आरएनए जेनेटिक कोड की मदद से ही वायरस फेफड़ों की कोशिकाओं में प्रजनन करते हैं। शोधकर्ताओं की टीम के सदस्य फिलिप सेंटेनजेलो ने कहा, 'हमारी दवा में आपको केवल एक वायरस से दूसरे वायरस की ओर जाने का ही बदलाव करना होगा। हमें आरएनए के केवल एक अनुक्रम को बदलना होगा।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
फिलिप सेंटेनजेलो ने कहा, 'हम फ्लू से उस कोरोना वायरस की ओर गए, जो कोविड-19 बीमारी का कारण बनता है। वे बिल्कुल अलग वायरस हैं। हम एक मार्ग को बदलकर बेहद तेजी से ऐसा करने में सक्षम हैं।' शोधकर्ताओं ने बताया कि इस उपचार का परीक्षण जानवरों पर किया गया है और वो बिल्कुल ठीक हो गए हैं।  
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