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Coronavirus: भारत में कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में दिखी एक नई परेशानी, रीढ़ की हड्डी में फैल रहा संक्रमण

Wed, 30 Dec 2020 02:21 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस ने लगभग हर तरह से लोगों को परेशान करके रख दिया है। अगर लोग कोरोना से संक्रमित होते हैं, तो भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अगर ठीक हो गए, तब भी उन्हें कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। अब भारत में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में एक नई परेशानी देखने को मिल रही है। दरअसल, मुंबई में कुछ बुजुर्ग मरीजों में कोरोना की वजह से रीढ़ की हड्डी में संक्रमण फैल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुहू स्थित नानावती अस्पताल में कोरोना से संक्रमित छह बुजुर्ग मरीजों अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उनकी रीढ़ की हड्डी में संक्रमण पाया गया। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल के डॉक्टर मिहिर बापट ने बताया कि उन बुजुर्ग मरीजों में कोरोना वायरस का संक्रमण इतना ज्यादा फैल चुका था कि उनमें से पांच मरीजों की रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन तक करना पड़ा। साथ ही उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं भी दी गईं। उन्होंने बताया कि इन मरीजों को पूरी तरह से ठीक होने में कम से कम तीन महीने लगेंगे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 68 वर्षीय रीनोल्ड सिरवेल कोरोना की वजह से सितंबर से अस्पताल में भर्ती थे। उनके बेटे ने बताया कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद उन्हें 10 दिनों के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज किया गया, लेकिन घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उनकी पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद फिर से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पाइनल बायोप्सी में रीनोल्ड सिरवेल की रीढ़ की हड्डी में बैक्टीरिया पाए गए। हैरानी की बात ये है कि ये बैक्टीरिया सिर्फ अस्पताल के आईसीयू में ही पाए जाते हैं। बाद में उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया और कुछ दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि अब उन्हें तीन हफ्तों तक लगातार एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करना होगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एक डॉक्टर का कहना है कि रीढ़ की हड्डी में संक्रमण सिर्फ अस्पताल के आईसीयू में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों के कारण होता है, यानी कोरोना का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों में जा रहे मरीजों को वहीं से संक्रमण हो रहा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉ. मिहिर बापट का कहना है कि रीढ़ की हड्डी में संक्रमण कम इम्यूनिटी की वजह से हो रहा है, कोरोना वायरस की वजह से नहीं। हालांकि कोरोना के जिन मरीजों की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनकी रीढ़ की हड्डी में संक्रमण हो सकता है। वह कहते हैं कि अगर कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को पीठ में दर्द रहता है और दो हफ्ते आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होता है, तो ऐसे मरीजों को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।  
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