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CoronaVirus Vaccine: कितनी सुरक्षित और कारगर होगी नाक से दी जाने वाली वैक्सीन?

Wed, 26 Aug 2020 01:49 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala
कोरोना महामारी से जंग में दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिकों को दवा और वैक्सीन तैयार करने में कामयाबी मिल रही है। कई देशों में अलग-अलग तरह की वैक्सीन विकसित की जा रही है। रूस और चीन में वैक्सीन तैयार कर ली गई है तो वहीं दूसरी ओर भारत, ब्रिटेन, अमेरिका आदि देशों में जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध होगी। वैक्सीन पर जारी रिसर्च के क्रम में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोरोना की एक ऐसी वैक्सीन विकसित की है, जिसकी खुराक नाक के जरिए दी जाएगी। पूर्व में कुछ वैज्ञानिक इसकी वकालत कर चुके हैं कि नाक के जरिए दी जाने वाली वैक्सीन कारगर साबित होगी, कारण कि कोरोना का संक्रमण ज्यादातर मुंह और नाक के जरिए ही शरीर के अंदर पहुंचता है। इस वैक्सीन का चूहे पर ट्रायल करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि ट्रायल के परिणाम असरदार साबित हुए हैं। आइए जानते हैं इस वैक्सीन के बारे में:
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चूहे पर परीक्षण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
  • अमेरिका में विकसित की गई वैक्सीन(ChAd) का चूहे पर परीक्षण हुआ है, जिसके परिणाम असरदार साबित हुए हैं। इस वैक्सीन को विकसित करने में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ता भी शामिल रहे हैं, जिनका कहना है कि वैक्सीन की खुराक देने पर चूहे में इम्यूनिटी भी बढ़ी और वायरस से लड़ने वाली न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडीज भी बढ़ी हैं। नाक और श्वसन तंत्र पर इसका फायदा देखा गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस को ब्लॉक करती है वैक्सीन
  • वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ता माइकल एस डायमंड के मुताबिक, वैक्सीन की डोज चूहे में कोरोना संक्रमण को रोकने में असरदार साबित हुई है। वैक्सीन की डोज देने के बाद नाक के ऊपरी हिस्से के इम्यूनिटी विकसित हुई और कोरोना वायरस का प्रवेश ब्लॉक हो गया। अब तक के ट्रायल में परिणाम सकारात्मक रहे हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैक्सीन की कितनी डोज जरूरी?
  • रिसर्च जर्नल सेल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमित चूहों को जब  वैक्सीन की डोज दी, तो जांच में पता चला कि उनमें इम्यून रेस्पॉन्स तेजी से बढ़ा है। यह वैक्सीन फेफड़ों में संक्रमण, सूजन और कोरोना के जोखिमों से बचाती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आमतौर पर वैक्सीन की एक या दो डोज काफी है, लेकिन चूहों के फेफड़े में हाई लेवल का वायरस देखे जाने के कारण अधिक डोज देनी पड़ी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पहली डोज से ही असर शुरू
  • शोधकर्ता माइकल एस डायमंड के मुताबिक, वैक्सीन की पहली डोज से ही चूहे में वायरस सके खिलाफ एंटीबॉडी का स्तर बढ़ना शुरू हो गया। अब तक हुए ट्रायल से यही परिणाम निकलता है कि ChAd SARS-CoV-2-S वैक्सीन में वायरस से बचाने और इसका प्रसार रोकने की क्षमता है। वैक्सीन की मदद से ही चूहों को संक्रमण से बचाया जा सका। ट्रायल के परिणामों से शोधकर्ता उत्साहित हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
दोबारा संक्रमण नहीं हुआ
  • शोधकर्ताओं का कहना है, वैक्सीन का असर लंबे समय तक रहा है। वैक्सीन की डोज के बाद चूहे में संक्रमण खत्म हुआ और फिर जब दोबारा चूहों को वायरस के संपर्क में आने की चुनौती मिली तो दोबारा संक्रमण नहीं हुआ। 
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Coronavirus Vaccine News - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
वैक्सीन से बड़ी उम्मीद
  • शोधकर्ताओं का कहना है कि जल्द ही दूसरे जानवरों पर इसका नैदानिक परीक्षण शुरू किया जाएगा। उन्हें उम्मीद है यह कोरोना वायरस को रोकने में मदद करेगी और महामारी के खिलाफ कारगर हथियार साबित होगी। मालूम हो कि रूस और चीन ने कोरोना की वैक्सीन तैयार कर ली है, जबकि भारत और अन्य देशों में भी जल्द वैक्सीन उपलब्ध होगी। 
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