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Coronavirus: साधारण फ्लू और कोरोना में अंतर को कैसे समझें? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Fri, 27 Nov 2020 08:53 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर अब छह करोड़ 10 लाख से ऊपर हो गए हैं जबकि मरने वालों की संख्या 14 लाख 32 हजार से अधिक है। भारत में भी संक्रमण के मामले कुछ कम नहीं है। यहां संक्रमित लोगों की संख्या 92 लाख 91 हजार से ऊपर हो चुकी है जबकि मरने वालों की संख्या भी एक लाख 35 हजार के पार है। चूंकि अभी मौसम बदल रहा है और ठंड का मौसम लगभग आ ही गया है, ऐसे में लोगों में साधारण फ्लू का होना आम बात है, लेकिन अभी चूंकि कोरोना वायरस का भी खतरा है और दोनों के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं, इसलिए इनमें अंतर कर पाना थोड़ा मुश्किल है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि आखिर साधारण फ्लू और कोरोना में अंतर को कैसे समझा जाए? साथ ही कोरोना से जुड़े अन्य जरूरी सवालों के जवाब भी जानने की कोशिश करते हैं।  
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
साधारण फ्लू और कोरोना में अंतर को कैसे समझें? 
  • दिल्ली के जी बी पंत अस्पताल के डॉ. संजय पांडेय के मुताबिक, 'अक्तूबर के मध्य से नवंबर की शुरुआत तक फ्लू के केस ज्यादा आ रहे थे, अभी कुछ कम हो गए हैं। एक आम इंसान के लिए इसमें अंतर कर पाना बहुत कठिन है। इसलिए अगर फ्लू जैसे लक्षण या गले में खराश, सर्दी हो तो कोविड की जांच तुरंत कराएं। कई लोग तो बिना लक्षण के भी वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। वैसे भी, कोरोना टेस्ट कराना अब काफी आसान हो गया है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड मरीज के अंदर एंटीबॉडी कितने दिन तक रहते हैं? 
  • डॉ. संजय पांडेय बताते हैं, 'अभी कोरोना वायरस के बारे में ज्यादा डाटा नहीं आया है। जिस तरह से अन्य वायरस हैं, उनके बारे में वर्षों की रिपोर्ट है। कौन सी बीमारी दोबारा कब आ सकती है और कब आएगी, हम सबकुछ जानते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के बारे में अभी कोई निश्चित डाटा या शोध उपलब्ध नहीं है। हर जगह अलग-अलग शोध व उनके नतीजों के आधार पर बातें कही जा रही हैं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट कितनी देर में आ जाती है? 
  • डॉ. संजय पांडेय बताते हैं, 'रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट मिनटों में मिल जाती है। अगर पॉजिटिव हैं तो किट पर एक लाइन बन जाती है और अगर लाइन नहीं बनती है तो समझ लीजिए कि आप निगेटिव हैं। अगर आरटी-पीसीआर की बात करें तो इसमें थोड़ा समय लगता है। आमतौर पर आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट 7-8 घंटे में आ जानी चाहिए, लेकिन कुछ जगहों पर 24 घंटे तक लग जाते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बाजार में अभी भी भीड़ उमड़ रही है, ऐसे लोगों से क्या कहेंगे? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि लड़ाई लंबी है और इसे अनुशासनात्मक तरीके से लड़ने पर ही जीत मिलेगी, इसलिए सभी को धैर्य रखना होगा। जो भी नियम बनाए गए हैं, उन्हें तोड़ें नहीं। बाजारों में भीड़ उमड़ने से मामले बढ़ रहे हैं। सरकार द्वारा बनाए गए नियम भीड़ को रोकने के लिए ही हैं। अब यह सिर्फ और सिर्फ लोगों की जिम्मेदारी है कि वो बाहर नहीं निकलें। वायरस से बचने के लिए नियमों का पालन करें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन की कीमत पर क्या कहेंगे? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'वैक्सीन देना सरकार की एक पॉलिसी है। कब, किसे, कैसे देना है, इन सबके लिए एक योजना बनाई जाएगी। वैक्सीन की कीमतों को लेकर जो भी खबरें आ रही हैं, अभी उनमें से किसी पर भी भारत सरकार ने मुहर नहीं लगाई है। इसलिए अभी यह सब मत सोचें कि वैक्सीन बहुत महंगी आएगी, हम तो नहीं ले पाएंगे। वैक्सीन जब आएगी तब हर एक व्यक्ति को मिलेगी। भ्रामक खबरों में न फंसें, सरकार की नीतियों की इंतजार करें।'  
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना के मद्देनजर नए दिशा-निर्देशों को आप कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. संजय पांडेय बताते हैं, 'सरकार ने जो भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उनमें सबसे अहम बात यह है कि इसमें लॉकडाउन का जिक्र नहीं है, सिर्फ नाइट कर्फ्यू का जिक्र है। उसपर भी राज्य सरकारें फैसला लेंगी। वहीं शादी जैसे बड़े आयोजनों में 200 लोगों की उपस्थिति निश्चित की गई है। इस संख्या को बढ़ाने की अनुमति नहीं है। हां, राज्य सरकारें चाहें तो इस संख्या को कम कर सकती हैं, जैसे 100 या 50 तक सीमित कर सकती हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि अर्थव्यवस्था के लिए लॉकडाउन नहीं लगा सकते हैं, इसलिए लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।' 
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