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डायबिटीज के मरीज कितनी जल्दी वायरस से संक्रमित हो सकते हैं? जानें कोरोना से जुड़े ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब

Tue, 18 Aug 2020 04:56 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
दुनियाभर में कोरोना वायरस से जुड़े रिसर्च लगातार जारी हैं। समय-समय पर इस वायरस से संबंधित कई चौंकाने वाली बातें भी निकल कर सामने आई हैं, जिनके बारे में वैज्ञानिकों को पहले से पता ही नहीं था। हालांकि फिलहाल काफी हद तक लोगों को इसके बारे में जानकारी हो गई है, लेकिन अभी भी कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब लोगों को पता नहीं हैं। आइए जानते हैं कोरोना से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब...

बारिश में मास्क गीला हो जाए तो क्या उसे लगाए रहना सुरक्षित है? 

भारत के महामारी विशेषज्ञ डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर के मुताबिक, 'सबसे पहले तो बारिश में भीगने से बचना है, लेकिन अगर भीग गए हैं तो मास्क तुरंत उतार दें। इस वक्त एक मास्क लगाएं तो एक मास्क साथ में रखें। एक गीला हो जाए तो उसे उतार कर रख लें और दूसरा लगा लें। अब जो मास्क रखा है, उसे दोबारा इस्तेमाल करने से पहले साबुन पानी से जरूर धोएं।' 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
क्या किसी के अंतिम संस्कार में जा सकते हैं? 

डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'अगर कोविड से मौत हुई है तो डेड बॉडी प्लास्टिक में रैप करके दी जाती है, क्योंकि अगर कोई उसके संपर्क में आ गया तो कोरोना का संक्रमण हो सकता है। इसलिए डेड बॉडी रैप है तो उसे कंधा देने में कोई खतरा नहीं है, लेकिन अगर डेड बॉडी प्लास्टिक में रैप नहीं है या कोई संक्रमित व्यक्ति बिना किसी एहतियात के शव यात्रा में पहुंच गया है और सबके संपर्क में आ गया है तो संक्रमण की संभावना रहती है।' 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
क्या कोविड-19 मरीज से मास्क पहन कर मिलने से भी संक्रमण की संभावना रहती है? 

इस बारे में डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर बताते हैं, 'कोविड मरीज से मिलने जाएं तो मास्क जरूर लगाएं और मरीज से भी मास्क लगाने को कहें। अगर मरीज छींकता या खांसता है तो उचित दूरी बनाए रखें। जरूरी नहीं है कि आपके पहुंचने से पहले भी उसने मास्क लगाया हुआ हो यानी वहां मौजूद वस्तुओं पर वायरस हो सकता है। इसलिए वहां किसी भी वस्तु को हाथ मत लगाएं।' 

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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
डायबिटीज के मरीज कितनी जल्दी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं? 

डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर के मुताबिक, 'किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उन्हें संक्रमण जल्दी लगता है, ऐसा कुछ नहीं है बल्कि होता यह है कि अगर ये लोग संक्रमित हो जाते हैं तो उनके अंदर वायरस ज्यादा असर करता है, क्योंकि कुछ बीमारियों में ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करती हैं। इसलिए उनमें संक्रमण गंभीर हो जाता है।' 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
क्या मलेशिया में नए कोरोना वायरस का पता चला है, जो ज्यादा खतरनाक है? 

डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर के मुताबिक, 'जब कोई वायरस आता है तो कई जगह उनके जीन में परिवर्तन होता है, जिसे म्यूटेशन कहते हैं। ये वायरस कई अन्य वायरस से भी मिल जाता है। ऐसे वायरस लोगों को ज्यादा संक्रमित करते हैं। मलेशिया में अब DG14G वायरस मिला है और उनका कहना है कि भारत के किसी व्यक्ति से मिला है, लेकिन भारत में ऐसा वायरस नहीं पाया गया है। ये केवल एकतरफा बातें हैं, जो बिना किसी रिसर्च के कही गई हैं।' 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन के परीक्षण के बाद कोई साइड इफेक्ट हुआ तो क्या होगा? 

इस बारे में डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'बिना परीक्षण के परिणाम आए कोई भी वैक्सीन नहीं आएगी। वैक्सीन के तीन ट्रायल होते हैं, जिसमें सफल होने के बाद ही दी जाती हैं। तीसरे ट्रायल में ही वृहद स्तर पर लोगों पर ट्रायल हो जाता है। उसके बाद इसमें चौथा ट्रायल भी होता है। उसमें जिन लोगों को वैक्सीन दी जाती है, उनकी निगरानी हर वक्त रखी जाती है। चूंकि वैक्सीन धीरे-धीरे लोगों तक पहुंचती है, इसलिए छोटे-बड़े सभी स्तर पर लोगों पर ध्यान दिया जाता है। वैक्सीन की एक समय सीमा होगी। अब कुछ साल बाद कोई साइड इफेक्ट होता है, तो उसके बारे में अभी नहीं कह सकते हैं।' 
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