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विशेषज्ञ से जानें: जो देख नहीं सकते या अंदर से कमजोर हैं, उनके लिए कोरोना वैक्सीन कितनी सुरक्षित?

Thu, 17 Jun 2021 09:57 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण के मामले निश्चित तौर पर घटे हैं, लेकिन अभी भी रोजाना 60 हजार से अधिक ही नए मरीज मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 67 हजार से अधिक नए कोरोना मरीज मिले हैं, जबकि 2,300 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। वहीं महामारी से ठीक होने वालों की दर में भी लगातार सुधार हो रहा है। फिलहाल देश में कोविड से स्वस्थ होने की दर 95.93 फीसदी है। इस दौरान टीकाकरण अभियान भी तेजी से चल रहा है और अब तो 18 से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीका लेने से पहले पंजीकरण की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक 26 करोड़ 55 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। बीते 24 घंटे में 34 लाख से अधिक टीके लगाए गए हैं। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चों पर कोवाक्सिन का ट्रायल शुरू हो गया है, कैसे देखते हैं? 
  • पीएचएफआई के अध्यक्ष डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'दुनियाभर में शुरुआत में जो ट्रायल किए गए थे, वो 18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों पर हुआ था। ऐसा इसलिए हुआ था, क्योंकि तब बीमारी ज्यादातर बड़ों में ही देखी गई थी। लेकिन पिछले साल से देखा गया कि बच्चों में भी वायरस का संक्रमण हुआ, हालांकि उनमें इसका प्रभाव कम रहा। अगर वो वैक्सीनेट हो जाएंगे तो संक्रमण से भी बचेंगे और घर के अन्य सदस्य भी सुरक्षित रहेंगे। इसलिए उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए हाई रिस्क को वैक्सीन देने के बाद बच्चों पर फोकस किया जा रहा है और ट्रायल शुरू हो गए हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
नेजल वैक्सीन कितनी कारगर हो सकती है? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'नेजल वैक्सीन अभी बन रही है। ये कितनी असरदार होगी, जब बन जाएगी और ट्रायल होगा, उसके बाद ही पता चलेगा। हालांकि हम आशा करते हैं कि नेजल वैक्सीन ज्यादा प्रभावी होगी, क्योंकि अभी जो वैक्सीन हैं, वो हमारे शरीर में वायरस के घुसने के बाद मुकाबला करती हैं, जबकि नेजल वैक्सीन नाक या गले में वायरस के स्थिर होने से पहले ही उसे हटा देती है। इसकी खासियत ये भी है कि इसे आसानी से और जल्द से जल्द लोगों को दे सकते हैं। लेकिन इसका ट्रायल में पास होना जरूरी है।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
ब्लाइंड और अंदर से कमजोर हैं, तो उन्हें वैक्सीन लेनी चाहिए या नहीं? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'वैक्सीन सभी को लगवानी है। अगर कोई दिव्यांग है तो उसे वैक्सीन लगवाने से कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। बहुत कम स्थिति में वैक्सीन लेने को मना किया जाता है, लेकिन कमजोर होना या दिव्यांग होना वैक्सीन न लेने की वजह नहीं है। भ्रम में न आएं और सेंटर पर जाकर वैक्सीन लगवाएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
हार्ट के मरीजों को क्या सलाह देंगे, संक्रमण के इस दौर में क्या सावधानी बरतें? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'संक्रमण से बचने के लिए तो कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर ही है। जहां तक बात हार्ट की बीमारी की है तो लक्षण पर ध्यान दें। अगर सर्जरी के लिए जाना है, ब्लड प्रेशर, मधुमेह को संतुलित रखें। दवा नियमित लेते रहें। ऐसा भोजन करें जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो, ये कोविड और हार्ट दोनों के लिए अच्छा है।' 
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