प्रतीकात्मक तस्वीर
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युवाओं को क्यों पता नहीं चल पाता?
- उजाला सिग्नस अस्पताल के डॉ. राजन गांधी कहते हैं कि युवाओं की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, ऐसे में उन्हें कोरोना के सामान्य लक्षणों का पता नहीं चल पाता और न ही ऑक्सीजन लेवल के कम होने का ही पता चल पाता है। वह कहते हैं कि हैप्पी हाइपोक्सिया की पहचान करने के लिए सबसे जरूरी है कि मरीजों को अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहनी चाहिए। अगर ऑक्सीजन लेवल 94 से कम हो तो सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि यह हाइपोक्सिया का लक्षण हो सकता है।
नोट: यह लेख गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड वार्ड के इंचार्ज डॉ. राजकिशोर सिंह और उजाला सिग्नस अस्पताल के डॉ. राजन गांधी से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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