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सलाह: कोरोना से ठीक होने के बाद कैसे रखें अपने दिल का ख्याल? भूलकर भी न करें ये तीन गलतियां

Wed, 19 May 2021 02:45 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by S.C. Tiwari 

डॉ. एस. सी. तिवारी 
कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल

डिग्री- एम.बी.बी.एस 

कोरोना वायरस दिल को भी नुकसान पहुंचाता है। यह साबित हो चुका है। इसी साल फरवरी में यूरोपियन हार्ट जर्नल नामक पत्रिका में एक शोध रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसके मुताबिक मरीजों के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के एक महीने बाद एमआरआई स्कैन से हृदय के गंभीर नुकसान का पता चला था, जिसमें हृदय की मांसपेशियों की सूजन, हृदय के ऊतकों का झुलस जाना और हृदय को रक्त की आपूर्ति नहीं होना शामिल हैं। इसलिए यह जरूरी है कि कोरोना से ठीक होने के बाद मरीज अपने दिल का पूरा-पूरा ख्याल रखें और ऐसी गलतियां न करें, जिससे दिक्कतें पैदा हों। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ऐसे मरीज रहें सावधान 
  • विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं कि ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप के मरीज, डायबिटीज के मरीज और अधिक मोटे लोगों में कोरोना के दौरान दिल की बीमारी का खतरा अधिक होता है। इसलिए ऐसे मरीजों को तो विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कैसे पता चले कोरोना का दिल पर असर हुआ या नहीं? 
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि किसी भी कोरोना मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो, सीने में दर्द की शिकायत और दिल की धड़कन रह रह कर अचानक से तेज हो रही हो, तो सतर्क हो जाएं और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ये तीन ऐसे लक्षण हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना जान पर भारी पड़ सकता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना मरीजों में हार्ट अटैक की समस्या क्यों? 
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना संक्रमण की वजह से ब्लड क्लॉटिंग (खून के थक्के जमना) की समस्या हो रही है, जिसकी वजह से सीने में दर्द हो सकता है। इस वजह से हार्ट अटैक के मामले भी सामने आ रहे हैं। कोरोना के गंभीर लक्षण वाले मरीजों में इसकी संभावना अधिक होती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कैसे रखें दिल का ख्याल? 
  • कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को अपने दिल का ख्याल बेहतर ढंग से रखने की जरूरत होती है। अगर डॉक्टरों ने ब्लड थिनर यानी खून को पतला करने की दवा या अन्य जरूरी दवाएं लिखी हों, तो उन्हें समय पर जरूर लें। इसके अलावा खाने-पीने का विशेष ध्यान रखें। हरी सब्जियां खाएं और सबसे जरूरी बात कि घर में बना खाना ही खाएं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विशेषज्ञ कहते हैं कि अस्पताल से लौटे मरीजों को धीरे-धीरे व्यायाम की शुरुआत करनी चाहिए और एकदम से बहुत ज्यादा व्यायाम न करें बल्कि थोड़ा-थोड़ा करें। चूंकि मरीजों को ज्यादा से ज्यादा आराम करने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि दिनभर बिस्तर पर ही पड़े रहें, बल्कि जब भी आप खुद को अच्छा महसूस करें, अपने कमरे में चलें, योग करें और सबसे जरूरी बात कि अपनी सोच को हमेशा सकरात्मक रखें। बीच-बीच में डॉक्टर से सलाह लेते रहें। 
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भूलकर भी न करें ये तीन गलतियां 
  • अगर आपको धूम्रपान करने और शराब पीने की आदत है, तो ये आदत तुरंत छोड़ दें, क्योंकि इससे समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा पानी खूब पीएं, क्योंकि विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर शरीर में पानी की मात्रा कम होगी तो उससे ब्लड क्लॉटिंग (खून के थक्के जमना) बढ़ने की संभावना अधिक होती है।
नोट: डॉ. एस. सी. तिवारी अत्यधिक योग्य और अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।  
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