प्रतीकात्मक तस्वीर
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किंग्स कॉलेज लंदन में प्रोफेसर बेवरली हंट कहती हैं कि कोविड के कुछ मरीजों में खून में थक्का जमाने वाले केमिकल्स सामान्य से '200, 300, 400 गुना ज्यादा' तक पाए गए हैं। उन्होंने इनसाइड हेल्थ से कहा था, 'मैं ईमानदारी के साथ कहना चाहती हूं कि अपने करियर में मैंने इतने गाढ़े खून वाले मरीज पहले नहीं देखे थे।'
कोरोना वायरस के पूरे शरीर पर प्रभाव डालने के पीछे वजह है, शरीर में मौजूद एसीई2 रिस्पेटर जिसके जरिए वायरस कोशिकाओं को संक्रमित करता है। एसीई2 रिस्पेटर एक तरह का प्रोटीन है जो रक्त कोशिकाओं, फेफड़ों, लिवर और किडनी सहित पूरे शरीर में पाया जाता है। इसलिए कोरोना वायरस हर अंग तक पहुंच बना लेता है।