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कोरोना ने बढ़ा दिया है महिलाओं में इस गंभीर रोग का खतरा, इन लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी

Sun, 09 May 2021 07:02 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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doctor - फोटो : amar ujala
डॉक्टर सुनील बेनीवाल
(सीनियर कंसल्टेंट, कॉर्डियोलॉजिस्ट)
सीके बिरला हॉस्पिटल, जयपुर


कोरोना की इस विपरीत परिस्थिति ने सभी उम्र और लिंग के लोगों को अपना शिकार बनाया है। महिला हों या पुरुष, सभी लोग इस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इतना ही नहीं कोरोना वायरस शरीर के कई अंगों को भी बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। हाल के दिनों में फेफड़ों पर इसके प्रभाव के मामले ज्यादा देखने को मिले हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस लोगों को हृदय को भी प्रभावित कर सकता है, ऐसे में महिलाओं को विशेष सावधान हो जाने की जरूरत हो जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना वायरस ने महिलाओं में दिल के दौरे का जोखिम बढ़ा दिया है।
ऐसी स्थिति में लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कोरोना के इस दौर में महिलाएं अपने हृदय की सेहत का ख्याल किस तरह से रख सकती हैं? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानने की कोशिश करते हैं।
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हृदय रोग महिलाओं की मौत का प्रमुख कारण - फोटो : Pixabay
हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को हृदय रोगों का खतरा अधिक होता है। इतना ही नहीं हाल के दिनों में देखा गया है कि हृदय रोग महिलाओं की मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक है। जीवनशैली में खराबी और खान-पान का विशेष ध्यान न रखना इस तरह के रोगों के खतरे को बढ़ा देता है। 
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धूम्रपान-अनुचित आहार ने बढ़ा दिया है हृदय रोग का खतरा - फोटो : iStock
सीके बिरला हॉस्पिटल, जयपुर में सीनियर कंसल्टेंट, कॉर्डियोलॉजिस्ट, डॉक्टर सुनील बेनीवाल कहते हैं कि धूम्रपान, अनुचित आहार, शिथिल दिनचर्या जैसी जीवनशैली की तमाम समस्याएं महिलाओं में हृदय रोगों का मुख्य कारण मानी जाती हैं। सभी महिलाओं को अपने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर नियमित तौर से नजर रखनी चाहिए। यदि इनके स्तर असामान्य नजर आ रहे हों तो सावधान हो जाएं और तुरंत इस बारे में अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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लक्षणों की पहचान करें - फोटो : iStock
हृदय की बीमारी के लक्षणों को समझें 
सभी लोगों को लिए यह जानना जरूरी है कि किन लक्षणों पर आपको हृदय रोगों को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए? यदि आपको छाती में दर्द, सांस फूलने, बेहोशी, मिचली आने, कंधों- कलाईयों या पीठ में दर्द रहता है तो इसे नजरअंदाज करने की भूल न करें। यह हृदय रोगों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। 
 
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शारीरिक वर्कआउट के लिए समय निकालें - फोटो : Pixabay
शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी
डॉक्टर सुनील बेनीवाल कहते हैं कि आज के समय में देखा जा रहा है कि महिलाएं घर के कामकाज के चक्कर में शारीरिक गतिविधियों के लिए समय नहीं निकाल पा रही है। यह आवश्यक है कि आप रोजाना शारीरिक वर्कआउट के लिए समय निकालें। वॉकिंग, स्विमिंग एवं डांसिंग जैसे अभ्यास को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करें। इससे आपको लाभ मिल सकता है।
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वजन को नियंत्रित करने की कोशिश करें - फोटो : Social media
वजन नियंत्रित रखें
मोटापा दिल की बीमारी का एक बड़ा कारण माना जाता है। जिन महिलाओं का बॉडी-मास इंडैक्स (बीएमआई) 25 से ज्यादा होता है, उन्हें दिल की बीमारियों का खतरा भी अधिक होता है। नियमित तौर पर वर्कआउट एवं उचित आहार लेकर बॉडी वेट को नियंत्रित रखने की कोशिश करें। आप जितनी फिट रहेंगी, हृदय रोगों के खतरे आपसे उतने ही दूर रहेंगे। 
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धूम्रपान और अल्कोहल को कहें न - फोटो : Pixabay
तम्बाकू एवं अल्कोहल का सेवन न करें
समय के साथ महिलाएं धूम्रपान और अल्कोहल के सेवन की आदी होती जा ही हैं। इनसे बचना चाहिए क्योंकि ये दिल की बीमारी का जोखिम 4 गुना तक बढ़ा देते हैं। इन आदतों को छोड़ने के लिए आप कुछ दवाओं की भी मदद ले सकती हैं। 
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नोट: यह लेख सीके बिरला हॉस्पिटल, जयपुर में सीनियर कंसल्टेंट, कॉर्डियोलॉजिस्ट, डॉक्टर सुनील बेनीवाल के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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