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Health Tips: हाई फैट वाली चीजों का सेवन करने से बढ़ जाता है इन गंभीर बीमारियों का जोखिम, शोध में हुआ खुलासा

Thu, 11 Sep 2025 08:51 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाल ही में एक शोध में पाया गया है कि हाई फैट वाला डाइट लेने से इसका दुष्प्रभाव कुछ ही घंटों में हमारे सेहत पर देखने को मिलता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि कैसे अधिक फैट वाले भोजन हमारे सेहत को खराब कर सकते हैं।
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प्रोसेस्ड फूड - फोटो : Adobe Stock
High-fat Meals Side Effect: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई फैट वाले भोजन, जैसे कि क्रीमी मिल्कशेक, तला-भुना खाना या चीज कुछ लोगों के डाइट का हिस्सा बन चुका है। पर क्या आपको पता है कि सिर्फ एक बार भी अधिक फैट वाला भोजन खाने से भी आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है? इस शोध के मुताबिक ऐसा भोजन हमारे दिल और दिमाग में रक्त के प्रवाह कुछ समय के लिए प्रभावित कर सकता है। इससे रक्त वाहिकाओं का लचीलापन कम हो जा सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। 

अगर यह आदत बनी रहे, तो आगे चलकर ये दिल और दिमाग दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि ज्यादा फैट वाले भोजन से आपके शरीर और दिमाग पर क्या असर पड़ सकता है।
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प्रोसेस्ड फूड - फोटो : Adobe Stock
हाई फैट मिल्क से नुकसान
हाल ही में साइंसडायरेक्ट में प्रकाशित एक शोध में वैज्ञानिकों ने दो समूहों पर अध्ययन किया, 18 से 35 साल के 20 पुरुष और 60 से 80 साल के 21 पुरुष। सभी प्रतिभागी स्वस्थ थे, धूम्रपान नहीं करते थे और उन्हें दिल, फेफड़े या दिमाग से जुड़ी कोई बीमारी नहीं थी। वे कोई भी सप्लीमेंट या दवाई नहीं ले रहे थे।

इन सभी प्रतिभागी को एक हाई फैट लिक्विड दिया गया, जिसमें 350 मिलीलीटर हैवी व्हिपिंग क्रीम, 2 बड़े चम्मच चॉकलेट सिरप, 1 बड़ा चम्मच दानेदार चीनी, 1 बड़ा चम्मच इंस्टेंट नॉन-फैट ड्राई मिल्क मिलाया गया था। इसमें 1,362 कैलोरी और 130 ग्राम फैट था, जो एक सामान्य से ज्यादा फैट वाले भोजन के बराबर था।

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हृदय स्वास्थ्य - फोटो : adobe stock
ब्लड फ्लो पर सीधा असर
वैज्ञानिकों ने अल्ट्रासाउंड की मदद से प्रतिभागियों के हाथ और दिमाग की रक्त वाहिकाओं में ब्लड फ्लो को मापा। उन्होंने पाया कि लिक्विड पीने के चार घंटे बाद ही रक्त वाहिकाओं का लचीलापन कम हो गया था। इससे पता चला कि भले ही यह बदलाव अस्थायी था, लेकिन एक बार का ज्यादा फैट वाला भोजन भी रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है।
 
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कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Adobe Stock
दिमाग और दिल पर प्रभाव
शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि ज्यादा फैट वाला भोजन रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित करने की शरीर की क्षमता को कम कर देता है। समय के साथ, इस तरह के भोजन का लगातार सेवन धमनियों में प्लाक के जमा होने का कारण बन सकता है, जिससे दिल की बीमारियां और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
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एवोकाडो - फोटो : Instagram
क्या करें?
यह शोध हमें याद दिलाता है कि भले ही ज्यादा फैट वाला भोजन स्वादिष्ट लगे, लेकिन इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अपने दिल और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट का सेवन कम करें। इनकी जगह हेल्दी फैट्स जैसे एवोकाडो, नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करें। इसके अलावा अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम और संतुलित आहार शामिल करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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