अस्थमा ट्रिगर होने का खतरा
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बढ़ सकती हैं श्वसन संबंधी समस्याएं
शीतलहर-ठंडी हवा आपके वायुमार्ग के लिए समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है, जिससे अस्थमा या क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी पहले से मौजूद स्थितियों वाले व्यक्तियों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। ठंड के मौसम में श्वसन संबंधी समस्याएं अधिक देखी जाती रही हैं। श्वसन तंत्र पर दबाव से हृदय से संबंधित विकारों का जोखिम भी बढ़ जाता है। अस्थमा रोगियों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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