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Covid-19: संक्रमण से बचाव के लिए चीन में अनोखा तरीका अपना रहे लोग, वैश्विक खतरे को वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट

Tue, 27 Dec 2022 02:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना से बचाव के लिए चीन में प्लास्टिक कवर में ढके लोग। - फोटो : Twitter@PDChina
चीन में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां संक्रमितों के रोजाना का आंकड़ा एक मिलियन (10 लाख) के आसपास का बताया जा रहा है। मृतकों की संख्या भी काफी बढ़ रही है, आलम यह है कि शवघरों और अंतिम संस्कार के लिए लंबी कतारें देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को अंदेशा है कि आने वाले दिनों में हालात और भी बिगड़ सकते हैं। इस बीच एजेंसियों का आरोप है कि चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एसिम्टोमेटिक संक्रमितों का डेटा रिलीज करना बंद कर दिया है जिससे वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं हो पा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के दो शहर बीजिंग और झेजियांग कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कोरोना से बचाव के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। स्थानीय चीनी मीडिया ने इसी से संबंधित एक वीडियो जारी किया है जिसमें कोरोना से बचाव के लिए लोग अनोखा उपाय करते हुए दिख रहे हैं। यहां घर से बाहर निकले कुछ लोगों ने प्लास्टिक के कवर से खुद को पूरी तरह से ढक रखा है, जिससे उनका दूसरे लोगों से सीधा संपर्क न हो पाए।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना से बचाव के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की अपील की है।
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वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है कोरोना का खतरा - फोटो : Pixabay
कोरोना से बचाव के लिए अनोखा तरीका

चीनी मीडिया पीपुल्स डेली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 30 सेकंड के वीडियो में एक कपल, बड़ी प्लास्टिक शीट के अंदर टहलते हुए दिख रहा है। छतरी जैसी पूरे शरीर को कवर करने वाली इस संरचना से दूसरे लोगों से सीधा संपर्क होने का जोखिम कम हो सकता है। इससे भीड़ में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए की गई अनोखी पहल की लिए सराहना मिल रही है।
 

 
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संक्रमण का बढ़ता खतरा - फोटो : iStock
वैश्विक स्तर पर बढ़ते जोखिमों को लेकर अलर्ट

चीन के अलावा कई अन्य देशों में भी कोरोना का खतरा बढ़ता हुआ देखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 18 दिसंबर तक नए साप्ताहिक कोविड मामलों की सबसे अधिक संख्या जापान (1,046,650 नए मामले), कोरिया रिपब्लिक (459,811), संयुक्त राज्य अमेरिका (445,424), फ्रांस ( 341,136) और ब्राजील (337,810) में देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन के नए और म्यटेटेड वैरिएंट्स के कारण दुनिया के कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेजी देखा जा रही है, बचाव के लिए सभी देशों को उपायों में सख्ती दिखाने की आवश्यकता है। जो देश फिलहाल सुरक्षित हैं वह भी एहतियाती उपाय करते रहें, जिससे कोरोना के वैश्विक जोखिम को कम किया जा सके। 

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कोरोना संक्रमण से किन्हें अधिक जोखिम - फोटो : iStock
विशेषज्ञों ने कहा- अधिक जोखिम वाले लोग बरतें विशेष सावधानी

भारत में भी कोरोना के बढ़ते जोखिम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों से कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की है। अमर उजाला से बातचीत में श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ अरुणिमा सिंह कहती हैं, भारत में भी कोविड को लेकर खतरा है,  फ्रंटलाइन वर्कर्स और हेल्थकेयर वर्कर्स को सबसे अधिक जोखिम रहता है। इसके अलावा बुजुर्ग या ऐसे लोग जो कोमारबिडिटी जैसे डायबिटीज, हृदय-फेफड़ों या किडनी की बीमारी के शिकार हैं उन्हें विशेष अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

कोविड से बचाव के उपायों के साथ संक्रमण के जोखिम से बचावे के लिए योग्य लोगों को बूस्टर शॉट जरूर लगवाना चाहिए।
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बूस्टर खुराक से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा - फोटो : Istock
बूस्टर शॉट से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा

डॉ अरुणिमा कहती हैं, भारत वैसे तो कोविड से अधिक सुरक्षित देशों में से एक है, इसका मुख्य कारण अधिकांश लोगों को अब तक वैक्सीन की प्राथमिक दो खुराक मिल चुकी है। ऐसे लोगों को वैक्सीन की बूस्टर शॉट जरूर ले लेना चाहिए। अध्ययनों में पाया गया है कि समय के साथ वैक्सीन की प्रभावशीलता थोड़ी कम हो सकती है ऐसे में बूस्टर शॉट की मदद से इम्युनिटी को बूस्ट करने में मदद मिल सकती है। बूस्टर शॉट की दर बढ़ाकर हम अधिक सुरक्षित हो सकते हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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