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चारधाम यात्रा में हार्ट अटैक से 15 की मौत: हार्ट पेशेंट जरूर ध्यान रखें डॉक्टर की ये सलाह

Tue, 10 May 2022 02:59 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हिल स्टेशन पर जाने से पहले जरूरी होती है मेडिकल जांच - फोटो : amar ujala
डॉ अल्केश जैन
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ
मेदांता, इंदौर

Medically reviewed by Dr. Alkesh Jain

Char Dham Yatra 2022: Devotees Dies of Heart Attack: भारत की चार धाम यात्रा दुर्गम और दुर्लभ यात्रा में से हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए जाते हैं। पहाड़ों पर स्थित चार धाम मंदिर के दर्शन के लिए भक्त पथरीले और ऊंचे उबड़ खाबड़ मार्गों से होते हुए जाते हैं। भक्तों की आस्था और विश्वास चार धाम यात्रा से जुड़ी है लेकिन यहां जाने का मार्ग कठिन होने के कारण कई लोगों को चार धाम की चढ़ाई करने में शारीरिक स्तर पर समस्याएं आती हैं। हाल ही में चार धाम यात्रा पर गए कई यात्रियों की मौत हो गई। यात्रियों की मौत का कारण हार्ट अटैक था। छह दिन में 20 तीर्थयात्रियों की मौत हार्ट अटैक से हुई है। यात्रा के दौरान बीमार और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की जान को भी खतरा रहता है। कमजोर हृदय के मरीजों के साथ ही कई अन्य बीमारियों के कारण भी तीर्थयात्रियों में जान का खतरा बना रहता है। विशेषज्ञ से जानें चार धाम की कठिन यात्रा में किन बीमारियों से ग्रसित तीर्थयात्रियों को ज्यादा खतरा है और हृदय रोगियों के लिए चार धाम की यात्रा क्यों कठिन हैं?
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एक उम्र के बाद जरूरी है कि अपने हार्ट की जरूरी जांच करवाएं: डॉ. अल्केश जैन, सीनियर कार्डिलाजिस्ट - फोटो : Self
तीर्थयात्रियों के लिए डाॅक्टर की सलाह

मेदांता अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अल्केश जैन के मुताबिक आजकल जो व्यक्ति अधिक उम्र के हैं या उन्हे पहले से हार्ट की बीमारी है, अगर वह हिल स्टेशन पर छुट्टियां मनाने की योजना बना रहे हैं या फिर चार धाम यात्रा व किसी ऊंचाई वाली जगह पर धार्मिक यात्रा पर जाने वाले हैं, उनको जरूरी स्वास्थ्य जांच करा लेनी चाहिए। यात्रा से पहले हृदय की या जो भी हृदय से जुड़ी जाचें जैसे ब्लड प्रेशर, शुगर की जांच कराकर ही जाएं। क्योंकि अगर तीर्थयात्री को कोई अंदरूनी बीमारी है और वह यात्रा के दौरान अधिक थकान होने पर हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में इन जगहों पर जाने से पहले रेगुलर जांच जिसमें इको टीएमटी जांच, खून की जांच और ईसीजी कराकर ही जाएं और अपने आप को सुरक्षित रखें।

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कब पड़ता है दिल का दौरा? - फोटो : iStock
हार्ट अटैक या हृदयाघात कब हो सकता है?

जब शरीर की नसों में खून का प्रवाह सुचारू रूप से नहीं हो पाता और खून जमने (क्लॉटिंग) लगता है। इसके कारण रक्त हृदय तक नहीं पहुंच पाता और साथ ही हृदय को ऑक्सीजन मिलना भी बंद हो जाती है। इस स्थिति में हार्ट अटैक आता है। हार्ट अटैक की स्थिति व्यक्ति के लिए जानलेवा हो सकती है। लेकिन तुरंत उपचार मिलने से मरीज को बचाया जा सकता है।

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हृदयघात की वजह - फोटो : istock
दिल का दौरा पड़ने के कारण

हृदय घात के जोखिम कारकों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, अधिक वजन, हाई कोलेस्ट्रॉल, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और चिंता शामिल है।
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दिल का दौरा पड़ने के लक्षण - फोटो : pixabay
दिल का दौरा पड़ने के लक्षण
  • कोल्ड स्वेट यानी शरीर से पसीना तो आता है लेकिन ठंड भी लगती है।
  • पीड़ित को थकान महसूस होने लगती है।
  • सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। 
  • शरीर का भार कम महसूस होने लगता है। 
  • चक्कर आ सकते हैं। 
  • बाएं हाथ में दर्द महसूस होने लगता है। 
  • अपच की समस्या या उल्टी महसूस होने लगती है। 
  • सीने में जलन होने लगती है।
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हृदयघात का जोखिम - फोटो : istock
नोट: यह लेख मेदांता इंदौर में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अल्केश जैन से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ अल्केश को हृदय रोग के इलाज का लंबा अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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