चांदीपुरा का संक्रमण और जोखिम
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क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
डब्ल्यूएचओ ने कहा, भारत में वैसे तो सीएचपीवी एंडेमिक स्टेज में है और पहले भी इसका प्रकोप होता रहा है। हालांकि,वर्तमान प्रकोप पिछले 20 वर्षों में सबसे बड़ा है। इसके संक्रमित व्यक्ति से अन्य लोगों में फैलने का खतरा नहीं होता है। प्रभावित क्षेत्रों में खेतों या झाड़ियों में जाने से बचें, यहां कीटों और टिक्स के काटने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।
आइए पांच प्वाइंट्स में चांदीपुरा वायरस और इसके कारण होने वाली समस्याओं के बारे में समझते हैं।