कोरोना की दूसरी लहर में लगभग हर उम्र को लोगों में संक्रमण के मामले देखे जा रहे हैं। जिन लोगों को पहले से ही कमजोर इम्यूनिटी, डायबिटीज, हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, उनमें संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा कोविड के इस समय को गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कोविड की दूसरी लहर में गंभीर संक्रमण के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या अगर कोई गर्भवती संक्रमित हो जाए तो उससे गर्भ में पल रहे बच्चे को भी संक्रमण हो सकता है? इसका बच्चे की सेहत पर क्या असर देखने को मिलता है? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानते हैं।
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कोरोना के म्यूटेंट वायरस के कारण बढ़ा खतरा
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देखे जा रहे हैं गंभीर संक्रमण के मामले
गर्भवती महिलाओं पर कोरोना के असर को जानने के लिए हमने महिला रोग विशेषज्ञ डॉ वैशाली शर्मा से बात की। डॉ वैशाली बताती हैं कि कुछ महीनों पहले तक देखा जा रहा था कि वयस्कों की तरह ही गर्भवती महिलाओं को संक्रमण का जोखिम तो होता था पर उनमें गंभीर जटिलताओं की आशंका कम थी। हालांकि अब कोरोना के म्यूटेंट वायरस के कारण गर्भवती महिलाओं में बहुत ही गंभीर संक्रमण देखने को मिल रहे हैं। स्थिति गंभीर हो जाने पर उनमें मौत का खतरा भी बढ़ जाता है।
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नवजात में वायरल ट्रांसमिशन के पर्याप्त सबूत नहींं
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गर्भ में पल रहे बच्चे को कितना खतरा?
महिला रोग विशेषज्ञों का कहना है कि अन्य लोगों का तरह ही गर्भवती महिलाओं से भी लोगों को वायरल ट्रांसमिशन का खतरा होता है। हालांकि मां से गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण हो सकता है, यह साबित करने के लिए पर्याप्त नैदानिक प्रमाण नहीं हैं। गर्भावस्था के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण होने से महिला के स्वास्थ्य का जोखिम तो बढ़ जाता है लेकिन नवजात को इससे ज्यादा दिक्कत नहीं होती है।
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गर्भावस्था के दौरान विशेष सावधानी की जरूरत
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महिला रोग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी गर्भवती को अंतिम तिमाही में कोविड-19 का संक्रमण हो जाए तो ऐसी स्थिति में बच्चे के समय से पहले जन्म की आशंका जरूर बढ़ जाती है। इस स्थिति में कुछ महिलाओं में सांस लेने से संबंधित दिक्कतों के मामले भी देखे गए हैं, जो कई बार घातक हो सकते हैं।
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गर्भवती महिलाओं का नहीं हो रहा है टीकाकरण
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मां से बच्चे को एंटीबॉडीज मिल सकती हैं?
डॉ वैशाली शर्मा कहती हैं कि गर्भवती महिलाओं को वैसे तो कोरोना के टीके नहीं दिए जा रहे हैं। हालांकि कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि अगर गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाए तो उनसे बच्चे को जन्म के समय सुरक्षात्मक एंटीबॉडी प्राप्त हो सकती हैं, जो स्तनपान कराने तक शिशु को संक्रमण के खतरे से बचाती हैं।
डॉक्टर के संपर्क में रहें गर्भवती महिलाएं
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गर्भवती महिलाएं कैसे रखें ख्याल?
डॉ वैशाली बताती हैं सामान्य तौर पर कहा जाता है कि जो लोग कोविड संक्रमित हो जाएं उन्हें आइसोलेट हो जाना चाहिए, इस मामले में गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि यदि आपके घर में कोई संक्रमित हो जाए तो आप खुद भी आइसोलेट हो जाएं। ऐसी महिलाओं को घर में भी मास्क पहनकर रखना चाहिए और घर के अन्य लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, भले ही दूसरे लोगों को संक्रमण न हो।
----------------------------- नोट: यह लेख महिला रोग विशेषज्ञ डॉ वैशाली शर्मा से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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