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सबसे पहले यह जान लेना आवश्यक हो जाता है कि आखिर बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्या होती क्यों है, साथ ही सामान्य रूप से इसे कैसे पहचाना जा सकता है? इस बारे में लखनऊ स्थित मनोरोग विशेषज्ञ डॉ आदर्श विश्वकर्मा का कहना है कि सामान्य रूप से हम इसे तनाव के रूप में देखते हैं लेकिन बाइपोलर डिसऑर्डर इतना भी सामान्य नहीं है। लोगों से मिल ना पाने और एक कमरे में बंद रहकर लगातार काम करते रहने के कारण इस तरह के मामले फिलहाल ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। बाइपोलर डिसऑर्डर में व्यक्ति ज्यादातर कामों से अपने रुचि खो देता है। कई बार वह खुद को असमर्थ महसूस करने लगता है, ऊर्जा की कमी का अनुभव होता है। हालांकि अगले ही पल उसे खुश भी देखा जा सकता है। ऐसे लक्षणों के दिखते ही डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेना चाहिए।