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Cancer Risk: क्या एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है कैंसर? इस घातक रोग के बारे में ये बातें जाननी जरूरी

Sun, 11 Feb 2024 12:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कैंसर के जोखिमक कारक - फोटो : istock
कैंसर वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। शरीर में कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि कैंसर कारक हो सकती है, इसके लक्षणों पर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर शरीर के किसी भी अंग में विकसित हो सकता है।

पुरुषों में प्रोस्टेट और लंग्स कैंसर जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर और इसके कारण होने वाली मौतों का जोखिम सबसे ज्यादा देखा जाता है। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण भी कैंसर का खतरा हो सकता है।

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि कई कारक आपमें कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। आनुवांशिकी के साथ जीवनशैली की गड़बड़ आदतों के कारण भी कैंसर विकसित होने का खतरा हो सकता है। शराब-धूम्रपान जैसी आदतों को भी काफी हानिकारक माना जाता है, ये भी शरीर में कई प्रकार के कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। पर क्या आप जानते हैं कि कैंसर के जोखिम संक्रामक हो सकते हैं या नहीं? क्या कैंसर का एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैलने का खतरा हो सकता है?
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कैंसर क्यों होता है? - फोटो : Pixabay
कैंसर के कारणों को जानिए

कैंसर के संक्रामक जोखिमों को जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर कैंसर होता क्यों है?

मायोक्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक कैंसर के अधिकतर जोखिम  वंशानुगत होते हैं, यानी कि अगर आपके परिवार में पहले से किसी को कैंसर रहा है तो आपमें इसके विकसित होने का खतरा हो सकता है। इसके अलावा कुछ प्रकार के पर्यावरणीय कारक जैसे रसायनों का अधिक संपर्क, लाइफस्टाइल की गड़बड़ आदतें भी कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। बहुत ही दुर्लभ मामलों में, अगर किसी ने अंग प्रत्यारोपण कराया है और डोनर को कैंसर है तो इससे दूसरे व्यक्ति में भी कोशिकाओं के संचार होने का खतरा अधिक हो सकता है।
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कैंसर के बढ़ते खतरे से बचाव - फोटो : istock
क्या एक से दूसरे को भी हो सकता है कैंसर?

अध्ययनकर्ता बताते हैं, कैंसर का खतरा एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं होता है। यानी कि निकट संपर्क या संभोग, चुंबन, स्पर्श, भोजन साझा करना या एक ही घर में रहने से कैंसर को खतरा दूसरे लोगों में बढ़ता नहीं देखा गया है। यानी इसे संक्रामक रोग नहीं माना जाता है। कैंसर एक व्यक्ति से दूसरे में तो नहीं फैलता है पर अगर शरीर में कहीं कैंसर हो जाए और इसका समय पर उपचार न किया जाए तो इसके पूरे शरीर में बढ़ने का खतरा जरूर हो सकता है।

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सर्वाइकल कैंसर और इसके खतरे - फोटो : Agency (File Photo)
संक्रमण से हो सकता है कैंसर

एक से दूसरे व्यक्ति में तो कैंसर का जोखिम नहीं होता है पर कुछ संक्रामक रोगों की स्थिति में आपको कैंसर हो सकता है। यानी कि कुछ प्रकार के वायरस को कैंसर कारक माना जा सकता है। विशेषतौर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का अगर किसी को संक्रमण हो जाता है,विशेषकर महिलाओं में ये सर्वाइकल कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है।

समलैंगिक पुरुषों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के कारण गुदा, मुख और लिंग कैंसर के मामले भी देखे जाते रहे हैं। वायरस के खतरे को कम कम करने वाली एचपीवी वैक्सीन लेने से इन प्रकार के कैंसर से बचाव किया जा सकता है।
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मां से बच्चे में कैंसर का जोखिम - फोटो : istock
मां से बच्चे में भी कैंसर का हो सकता है खतरा

जन्म के समय मां से बच्चे में कैंसर का खतरा होने का जोखिम भी कम देखा जाता है। आपके बच्चे के गर्भ में रहने के दौरान कैंसर प्लेसेंटा तक फैल सकता है, लेकिन शोध से पता चलता है कि यह बेहद दुर्लभ है। 2009 में, जापान में अक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (एएलएल) से पीड़ित एक महिला की प्लेसेंटा के माध्यम से अजन्मे बच्चे में कैंसर कोशिकाएं पहुंची थीं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को कैंसर से बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने के साथ रसायनों के संपर्क में आने से बचाव करके, शराब-धूम्रपान से दूरी बनाकर कैंसर के जोखिमों से बचाव करने में मदद मिल सकती है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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