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जानना जरूरी: क्या कोविड वैक्सीन के कारण हो सकता है गर्भपात का खतरा? जानिए अध्ययन में क्या पता चला?

Thu, 16 Sep 2021 11:43 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गर्भावस्था में वैक्सीनेशन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन ले चुके लोगों में कोरोना के गंभीर संक्रमण और इसके कारण होने वाली मौत का खतरा कम होता है। तमाम अध्ययनों के बाद देश में कुछ माह पहले गर्भवती महिलाओं को भी टीके देने की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि वैक्सीनेशन को लेकर उड़ रही कुछ खबरों को लेकर लोगों के मन में डर है। रिपोर्टस के मुताबिक कई गर्भवती महिलाएं वैक्सीनेशन इसलिए नहीं कराना चाह रही हैं क्योंकि उन्हें डर है कि यह गर्भपात का कारण बन सकता है। क्या वास्तव में ऐसा है? क्या वैक्सीन गर्भपात का कारण बन सकती है?
गर्भवती महिलाओं पर वैक्सीन के प्रभावों को जानने के लिए अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने इस बारे में बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों ने इस तरह की उड़ रही खबरों को अफवाह बताते हुए कहा है कि वैक्सीन गर्भपात का कारण नहीं बनती हैं। आइए इस अध्ययन के बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं।
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सपरक्षित है कोविड वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
गर्भावस्था में वैक्सीनेशन
शोधकर्ताओं ने बताया कि गर्भावस्था में वैक्सीनेशन कराना पूरी तरह से सुरक्षित है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन गर्भवती महिलाओं ने वैक्सीन की कम से कम एक डोज ले ली है उनमें, अन्य महिलाओं की तुलना में गर्भपात का खतरा कम हो सकता है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) और वैक्सीन सेफ्टी डेटालिंक (वीएसडी) के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन को जामा जर्नल में प्रकाशित किया गया है। वैक्सीन, गर्भावस्था पर असर नहीं डालती है।
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गर्भावती पर वैक्सीन का असर - फोटो : istock
टीके का गर्भावस्था पर नहीं होता है असर
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 15 दिसंबर 2020 से 28 जून 2021 तक 105,446 महिलाओं की जांच की। इनमें से 13,160 को गर्भपात हो गया था जबकि 92,286 महिलाएं गर्भवती थीं। इनमें से 14.3 प्रतिशत महिलओं ने वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ली थी। टीम ने नियत अंतराल पर महिलाओं की स्थिति की जांच की। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन महिलाओं को गर्भपात का सामना करना पड़ा उनमें से ज्यादातर का टीकाकरण नहीं हुआ था। इस रिपोर्ट के आधार पर येल विश्वविद्यालय में प्रसूति और स्त्री रोग विशेषज्ञ हीथर एस लिपकाइंड कहती हैं, इन आंकड़ों का उपयोग गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण की आवश्यकताओं को बताने के लिए किया जा सकता है।

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गर्भपात के खतरे को समझिए (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
गर्भपात के खतरों को समझिए
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि आंकड़े बताते हैं कि सामान्यतौर पर गर्भवती महिलाओं में अनेक कारणों से गर्भपात का खतरा 11-16 प्रतिशत तक का हो सकता है। इस अध्ययन में हमने पाया कि वैक्सीनेशन करा चुकी महिलाओं में गर्भपात की दर सामान्य सीमा के भीतर 12.8 प्रतिशत तक हो सकती है। हालांकि वैक्सीनेशन से गर्भ को नुकसान होता है, यह कहना सही नहीं है। 20 से 29 वर्ष की महिलाओं में गर्भपात का खतरा 9.8 प्रतिशत जबकि 40 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं में यह 28.8 प्रतिशत तक हो सकता है। वैक्सीन से गर्भ पर असर पड़ने के प्रमाम नहीं हैं।
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गर्भावस्था में विशेष सावधानियों की आवश्यकता (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pexels.com
गर्भावस्था में कोविड वैक्सीन की आवश्यकता
शोधकर्ता बताते हैं कि 35 वर्ष या उससे अधिक की उम्र में गर्भधारण करने पर महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है। कोरोना की वैक्सीन गर्भवती महिलाओं को गंभीर संक्रमण से सुरक्षित रखने में सहायक है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। इसलिए किसी भी खबर पर ध्यान न देते हुए सभी लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण करा लेना चाहिए। 


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स्रोत और संदर्भ: 
Spontaneous Abortion Following COVID-19 Vaccination During Pregnancy

अस्वीकरण नोट: यह लेख  रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) और वैक्सीन सेफ्टी डेटालिंक (वीएसडी) के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। 
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