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बड़ी मुसीबत: कोरोना संक्रमित रह चुके लोगों में देखी जा रही है यह गंभीर समस्या, वयस्क हो रहे हैं ज्यादा शिकार

Tue, 28 Sep 2021 06:56 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पोस्ट कोविड समस्या - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण को डेढ़ साल से अधिक का समय बीत चुका है। अब तक हुए तमाम अध्ययनों में पाया गया है कि कोरोना संक्रमण कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है। कोरोना संक्रमण के कारण बढ़े हृदय, फेफड़े और ब्लड क्लॉटिंग के मामलों के बाद हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक और गंभीर समस्या के बारे में लोगों को आगाह किया है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोरोना संक्रमण लोगों में बहरेपन का भी कारण बन सकता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑडियोलॉजी के अनुसार कोविड-19 से प्रभावित 7 से 15 प्रतिशत वयस्कों में सुनने से संबंधित समस्याओं का निदान किया जा रहा है। ऐसे लोगों को कान में तेज आवाज सुनाई देने या कान बजने की समस्या के साथ कम सुनाई देने और चक्कर आने जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पोस्ट कोविड समस्याओं के इलाज के दौरान डॉक्टरों को रोगी में सुनने की क्षमता का परीक्षण भी करना चाहिए, जिससे समय रहते इस गंभीर समस्या का पता लगाया जा सके। आइए आगे की स्लाइडों में कोविड के कारण सुनने से संबंधित दिक्कतों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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श्रवण हानि की समस्या - फोटो : Pixabay
कोविड-19 के कारण सुनने संबंधी समस्याएं
मैनचेस्टर विश्वविद्यालय और एनआईएचआर मैनचेस्टर बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर (बीआरसी) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध की समीक्षा के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण श्रवण हानि यानी बहरेपन का कारण बन सकती है। एक अन्य अध्ययन में मैनचेस्टर सेंटर फॉर ऑडियोलॉजी एंड डेफनेस (मैनकैड) के वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 सुनने और संतुलन या ऑडियोवेस्टिबुलर समस्याओं का कारण बन सकती है। ब्रिटेन में रॉयल नेशनल थ्रोट नोज़ एंड ईयर हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में भी इसी तरह के प्रमाण सामने आए हैं। 
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कान में आवाज सुनाई देनी की समस्या - फोटो : iStock
कोविड-19 के कारण टिनिटस की समस्या
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोविड़-19 संक्रमित रह चुके ज्यादातर लोगों को टिनिटस की समस्या का अनुभव होता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक टिनिटस एक ऐसी स्थिति है जो पहले से लगभग 17 फीसदी वयस्कों में देखी जाती रही है। शोध में कहा गया है कि टिनिटस लॉन्ग-कोविड के सबसे आम लक्षणों में से एक है, संक्रमण से ठीक होने के बाद यह दिक्कत महीनों तक बनी रह सकती है। टिनिटस के कारण लोगों को एक या दोनों कानों के बजने या लगातार भनभनाहट वाले शोर का अनुभव हो सकता है, यह स्थिति बहरेपन का कारण भी बन सकती है। 

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सुनाई न देने की समस्या - फोटो : Pixabay
सुनाई न देना और चक्कर आना
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 के कारण लोगों को लॉन्ग-कोविड के रूप में सुनाई न देने और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को एक कान से अचानक सुनाई न देने की समस्या हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना संक्रमण के दौरान कान के आंतरिक हिस्से की नसें और ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिसके कारण इस तरह की दिक्कतें होती है। कुछ लोगों में यह दिक्कत महीनों तक बनी रह सकती है जबकि कुछ स्थितियों में यह बहरेपन का भी कारण बन सकती है। 
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कोविड-19 में क्यों हो रही है सुनने की समस्या - फोटो : Social media
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि जैसा कि देखने को मिला है कि कोविड-19, ऑडियो-वेस्टिबुलर सिस्टम को प्रभावित कर सकता है, ऐसे में समय रहते इन स्थितियों के निदान और इलाज की व्यवस्था की जानी चाहिए। समय के साथ लोग इस वायरस के साथ रहने के अभ्यस्त होते जाएंगे जिसके चलते भविष्य में ऐसी दिक्कतों के कम होने की संभावना है। कोविड-19 से बचे रहने के लिए सभी लोगों को वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए, जिससे इस तरह की जटिलताओं से सुरक्षित रहा जा सके।


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नोट: यह लेख मेडिकल जर्नल से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें। 
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