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विशेषज्ञ से जानें: कैसे पता चलेगा कि किसी को ब्लैक फंगस संक्रमण हो सकता है? इन बातों का रखें ध्यान

Thu, 27 May 2021 01:17 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Black fungus - फोटो : अमर उजाला
देश में पिछले कई दिनों से कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस संक्रमण भी कहर बरपा रहा है। अब तक हजारों लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें से कईयों की जान भी चली गई है। इसके मामले कई राज्यों में देखने को मिल रहे हैं, जिसमें दिल्ली से लेकर गुजरात, बिहार, यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश आदि राज्य शामिल हैं। दरअसल, ब्लैक फंगस के फैलने की कई वजहें बताई जा रही हैं, जिसमें स्टेरॉयड से लेकर इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन तक शामिल हैं। ऐसे में इसके बारे में पूरी तरह से जान लेना बेहद ही जरूरी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ब्लैक फंगस संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस को लेकर कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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ब्लैक फंगस पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन लेने से भी म्यूकरमाइकोसिस की बीमारी हो सकती है? 
  • दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. आलोक ठक्कर कहते हैं, 'ऐसी परिस्थिति में सभी पहलुओं पर नजर रखी जाती है, लेकिन कई मरीज ऐसे हैं, जिन्हें ऑक्सीजन लगी ही नहीं है और ऐसा भी नहीं है कि किसी को गलत तरह से ऑक्सीजन दी जाए। इसलिए इस तरह के तथ्य को रखना सही नहीं है।' 
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ब्लैक फंगस पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या स्टेरॉयड की वजह से ही म्यूकरमाइकोसिस होता है? 
  • डॉ. आलोक ठक्कर कहते हैं, 'स्टेरॉयड को एक कारण माना गया है, लेकिन ये कहना कि इसकी वजह से म्यूकरमाइकोसिस हो रहा है, गलत होगा, क्योंकि स्टेरॉयड तब देते हैं, जब मरीज की हफ्ते या 10 दिन बाद भी हालत में सुधार नहीं होता है। ये बहुत अच्छी दवा है, जो मरीज को बचाने में काफी सफल रही है। इसमें ऐसा होता है कि कई बार कोविड की वजह से इम्यूनिटी पहले ही कम रहती है और इस दवा को देने के बाद कई बार इसका असर सही तरह से नहीं होता है, लेकिन ऐसा उनलोगों में ही ज्यादा होता है, जिन्हें पहले से डायबिटीज आदि हो। इसलिए केवल स्टेरॉयड से हो रहा है, नहीं कह सकते हैं, क्योंकि कई लोग इसे लेने के बाद भी ठीक हैं।' 

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ब्लैक फंगस पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कैसे पता चलेगा कि किसी को म्यूकरमाइकोसिस हो सकता है? 
  • डॉ. आलोक ठक्कर कहते हैं, 'अगर कोई हाई रिस्क (अधिक जोखिम) में आता हो, कोविड हुआ हो और डायबिटीज बढ़ी हुई है और ब्लड शुगर ठीक नहीं है या स्टेरॉयड कुछ दिन के लिए ली है तो समस्या नहीं है, लेकिन लंबे समय के लिए ली है तो संभावना हो सकती है। अब लक्षण पर ध्यान दें, नाक के आसपास या चेहरे के कोने के पास झनझनाहट महसूस होती है, रंग बदलने लगता है, चेहरे पर सूजन हो जाती है। ऐसे ही अगर मुंह के अंदर, ऊपर के तालु पर झनझनाहट या रंग बदल जाए, नाक बंद हो जाए तो बीमारी हो सकती है। आंख से संबंधित किसी तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण आ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।' 
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ब्लैक फंगस पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
म्यूकरमाइकोसिस के केस इन दिनों काफी आ रहे हैं, ऐसा क्यों? 
  • डॉ. आलोक ठक्कर कहते हैं, 'पहले भी हमारे देश में म्यूकरमाइकोसिस के केस आते थे, लेकिन जिस तरह की स्थिति अभी है, वैसे पहले नहीं थी। इसमें सबसे मुख्य कारण इम्यूनिटी कम होना है, एक तो कोविड की वजह से और दूसरी तरह-तरह की दवाइयों की वजह से ऐसा हो रहा है। एक स्वस्थ व्यक्ति को कभी म्यूकरमाइकोसिस नहीं होता है। इसके अलावा म्यूकरमाइकोसिस की मुख्य वजह क्या है, ऐसा निश्चित नहीं कह सकते हैं, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मान्यता प्राप्त दवाएं ही कोविड मरीजों को दी जा रही हैं। फिर भी हम देखते हैं कि कई मरीज ओवर डोज ले लेते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड लेते हैं। यही कारण अभी माना जा रहा है।' 
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ब्लैक फंगस पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
ईएनटी के मरीज, जो नियमित जांच के लिए नहीं जा पा रहे हैं, वह क्या करें? 
  • डॉ. आलोक ठक्कर कहते हैं, 'कई लोग जिनकी आंख की या गले में किसी चीज की सर्जरी हुई है और नियमित चेकअप के लिए बुलाया है या किसी तरह का सामान्य संक्रमण है तो उसे टाल दें। अभी अस्पतालों में जाने का कोई फायदा नहीं है, एक तो लॉकडाउन है और दूसरा डॉक्टर सामान्य मरीजों को अभी नहीं देख रहे हैं। अगर समस्या ज्यादा है तो पहले टेली कंसल्टेंसी से संपर्क कर सकते हैं। वैसे भी अभी नियमित सर्जरी टाल दी गई है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. आलोक ठक्कर कहते हैं, 'अभी हमें रिलैक्स नहीं होना है, लेकिन कई शहरों में कोरोना नियंत्रण में है। दिल्ली में भी स्थिति में सुधार हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही केस और कम होंगे। लोगों को इस बात का ध्यान रखना है कि सिर्फ केस कम हो रहे हैं, वायरस अभी भी मौजूद है और लापरवाही करने पर फिर वही स्थिति आ सकती है।' 
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