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आयुर्वेद विशेषज्ञों की सलाह: यह है सुबह जागने का सबसे अच्छा समय, कई प्रकार के दोषों का हो सकता है निवारण

Tue, 27 Jul 2021 11:48 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सबह कितने बजे उठना चाहिए (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं कि सुबह जल्दी उठना सेहत के लिए फायदेमंद है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार सुबह जल्दी उठने वाले लोग अन्य लोगों की तुलना में अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सभी लोगों को सूर्योदय से पहले जागना चाहिए। पर क्या आपने सोचा कि आखिर ऐसा क्यों है? दादा-दादी हमेशा सूर्योदय से पहले 'ब्रह्ममुहूर्त' में जागने पर जोर क्यों देते हैं?
आयुर्वेद में संतुलित आहार, योग, ध्यान और औषधियों के फायदों के साथ सोने या जागने के सही समय और उससे होने वाले फायदों का विस्तार से जिक्र किया गया है। सुबह जागने के समय को लेकर आयुर्वेदिक मान्यताओं का पारंपरिक चिकित्सा में भी समर्थन किया गया है। इन दोनों ही मान्यताओं में स्पष्ट किया गया है कि सूर्योदय से पहले जागने से शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है क्योंकि उस समय का वातावरण बेहद सुखदायक और शांत होता है। सुबह जल्दी जागना शरीर के लिए और किस प्रकार से लाभकारी हो सकता है, आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं।
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सूर्य निकलने से पहले उठने की सलाह - फोटो : Social media
विज्ञान भी मान चुका है सुबह जल्दी उठने के फायदे
सांस्कृतिक और आयुर्वेदिक मान्यताओं के साथ वैज्ञानिक भी सुबह जल्दी उठने को फायदेमंद मानते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक सुबह जल्दी उठने से योग, ध्यान और व्यायाम जैसी शारीरिक गतिविधियां के भी अधिक लाभ हो सकते हैं। यह मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और शारीरिक संतुलन को ठीक करने के साथ याददाश्त संबंधी समस्याओं और एकाग्रता में सुधार करने में भी फायदेमंद हो सकता है। सुबह के समय जल्दी जागने से बुद्धि का विकास भी तेजी से होता है। 
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सुबह उठना स्वास्थ के लिए है फायदेमंद - फोटो : social media
आयुर्वेद के अनुसार सुबह जल्दी उठने के फायदे
आयुर्वेद में सुबह जल्दी उठने के फायदों के बारे में विस्तार से समझाया गया है। आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर में तीन मुख्य तत्व मौजूद होते हैं। वात (वायु और ईथर), पित्त (अग्नि और जल) और कफ (पृथ्वी और जल) हैं। इन तत्वों की मात्रा समय के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है। वात मांसपेशियों, सांस लेने, पलक झपकने तथा ऊतकों और कोशिका की गतिविधियों से जुड़ा है। पित्त, पाचन, उत्सर्जन, मेटाबॉलिज्म और शरीर के तापमान की प्रक्रियाओं से जुड़ा है। वहीं कफ शरीर की संरचना यानी हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित है। इनमें तीनों में किसी भी तरह की समस्या शरीर में कई प्रकार के रोगों का कारण बन सकती है। आयुर्वेद के अनुसार सुबह जल्दी उठने वाले लोगों में इन तीनों की संतुलन बेहतर बना रहता है।

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ब्रह्ममुहूर्त में उठना सबसे फायदेमंद (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : getty
सुबह जागने का सही समय क्या है?
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रह्ममुहूर्त के समय में उठना सबसे फायदेमंद माना जाता है, इसके बाद सभी लोगों को ध्यान, योग और व्यायाम जैसी शारीरिक गतिविधियों में वक्त देना चाहिए। सुबह का समय शांतिपूर्ण और ताज़ी हवा से भरपूर होता है, जिसे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। जिन लोगों को शरीर में तीन मुख्य तत्व, वात, पित्त या कफ में किसी प्रकार की दिक्कत हो उन्हें इससे छुटकारा मिल सकता है।
 
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सुबह जल्दी उठने के हैं कई फायदे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : file photo
किस समय जागने के क्या फायदे हैं?
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार सुबह जागने का समय शरीर के दोषों के निवारण के लिए भी काफी लाभदायक माना जा सकता है। सूर्योदय से 30 मिनट पहले जागना वात के लिए, 45 मिनट पहले जागना पित्त के लिए और 90 मिनट पहले उठना कफ दोषों के निवारण के लिए सबसे उपयुक्त काल है। सुबह जल्दी उठकर योग और व्यायाम जैसे अभ्यास करने से सेहत को कई तरह के अन्य फायदे भी हो सकते हैं।



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नोट: यह लेख आयुर्वेद विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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