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Heart Health: हार्ट चीख-चीखकर कहता है इन आदतों में कर लें सुधार, नहीं ध्यान दिया तो होगा पछतावा

Tue, 21 Jul 2026 10:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल की कई बीमारियों को रोका जा सकता है। अगर समय रहते कुछ गलत आदतों को बदल दिया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कई अन्य गंभीर समस्याओं का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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heart health - फोटो : Amarujala.com/AI
दिल की बीमारियों का खतरा जिस तरह से अब 20 साल से कम उम्र के युवाओं में भी बढ़ता देखा जा रहा है उसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। आपने भी कम उम्र में हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, ब्लॉकेज और अचानक कार्डियक अरेस्ट की खबरें जरूर देखी-सुनी होंगी।

डॉक्टरों का कहना है कि इसके पीछे सिर्फ आनुवंशिक कारण नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतें सबसे बड़ी वजह बन चुकी हैं। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम जैसी दिनचर्या और खान-पान रखते हैं इन सभी का हमारी दिल की सेहत पर सीधा असर होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया में सबसे अधिक मौतें हृदय रोगों की वजह से होती हैं। भारत में गड़बड़ खान-पान, बढ़ते तनाव, नींद और शारीरिक गतिविधियों में कमी के साथ धूम्रपान-शराब जैसी आदतों ने इस खतरे को पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया है। इसलिए जरूरी है कि हम सभी कम उम्र से ही हार्ट हेल्थ को लेकर सावधान हो जाएं। 
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हार्ट के लिए बढ़ते खतरे - फोटो : Amarujala.com/AI
हार्ट की बढ़ती समस्याएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारा दिल दिन-रात बिना रुके पूरे शरीर में खून पहुंचाता है। हालांकि जब धमनियों में फैट जमा होने लगती है, ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है या कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के कारण दिल पर लगातार दबाव पड़ता है, तो हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है।

सबसे चिंता की बात यह है कि कई बार दिल की बीमारी लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में बढ़ती रहती है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के हालिया शोध के अनुसार, भारत में लगभग 90% वयस्कों के खून में कोलेस्ट्रॉल या फैट का कम से कम एक स्तर सामान्य से अलग पाया गया है। ये दिल की सेहत के लिए बड़ा खतरा है।
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दिल की सेहत के लिए बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe Stock
लाइफस्टाइल में कर लें सुधार

डॉक्टर कहते हैं, दिल की कई बीमारियों को रोका जा सकता है। अगर समय रहते कुछ  आदतों को बदल दिया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कई अन्य गंभीर समस्याओं का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि आखिर कौन-सी आदतें हमारे दिल की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी हैं?
 
  • घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते रहना सेहत के लिए बड़ा खतरा है। लगातार बैठे रहने से शरीर ठीक से कैलोरी बर्न नहीं कर पाता जिससे फैट जमा होने लगती है। इससे ब्लड शुगर और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहे तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

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जंक फूड्स सेहत के लिए हानिकारक - फोटो : Adobe Stock
  • बर्गर-पिज्जा, चिप्स, पैकेट वाले स्नैक्स में नमक, चीनी और  फैट अधिक होता है। इनका लगातार सेवन करने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। समय के साथ धमनियां सख्त होने लगती हैं और उनमें रुकावट बनने का खतरा बढ़ जाता है। यही स्थिति हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। 
 
  • सिगरेट या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन दिल के लिए बेहद खतरनाक है। तंबाकू में मौजूद जहरीले रसायन खून की नलियों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे धमनियां सिकुड़ने लगती हैं और उनमें खून का प्रवाह कम हो जाता है। धूम्रपान से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो जाती है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। 
 
  • व्यायाम न करने से दिल की कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। नियमित शारीरिक गतिविधि करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है। वहीं, निष्क्रिय जीवनशैली मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं को बढ़ावा देती है, जो हृदय रोगों के प्रमुख कारण हैं। 
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नियमित व्यायाम सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Adobe Stock
  • लगातार मानसिक तनाव रहने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर हाई होने का खतरा हो सकता है। लंबे समय तक तनाव रहने से हृदय रोगों का जोखिम भी बढ़ जाता है।
 
  • रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। नींद पूरी न होने से ब्लड प्रेशर और शरीर में सूजन बढ़ जाती है और हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे मोटापा और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है, जो दिल की बीमारी के प्रमुख कारण हैं। 
 
  • कई बार हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल बिना किसी लक्षण के रह सकते हैं। नियमित जांच कराने से इन समस्याओं का समय रहते पता चल जाता है। यदि परिवार में दिल की बीमारी की हिस्ट्री रही है तो समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरी जांच कराना बहुत जरूरी है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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