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Tahira Kashyap: 7 साल में दूसरी बार ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हुईं ताहिरा कश्यप, बार-बार क्यों होता है ये कैंसर?

Mon, 07 Apr 2025 10:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ताहिरा को पहली बार साल 2018 में ब्रेस्ट कैंसर को पता चला था, जिसके बाद उन्हें मास्टेक्टॉमी करानी पड़ी थी। अब उन्हें फिर से ब्रेस्ट कैंसर हो गया है। जानिए क्यों बार-बार होता है ये कैंसर?
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ताहिरा कश्यप को फिर से हुआ कैंसर - फोटो : इंस्टाग्राम @tahirakashyap
आयुष्मान खुराना की पत्नी और फिल्म निर्माता ताहिरा कश्यप दोबारा ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो गई हैं। ये सात साल में दूसरी बार है जब उन्हें कैंसर हुआ है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''सात साल की तकलीफ, इरिटेशन या रेगुलर चेकअप और टेस्ट। मेरा राउंड-2 शुरू हो गया है, मैं लोगों को यही सलाह दूंगी कि आप सभी नियमित रूप से मेमोग्राम टेस्ट कराते रहें।''

साल 2018 में पहली बार ताहिरा को ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था जिसके बाद उनका लंबे समय तक इलाज चलता रहा। सात साल के भीतर ही उन्हें अब दूसरी बार स्तन कैंसर हो गया है।

इस खबर के सामने आने के बाद से लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या ब्रेस्ट कैंसर कई बार हो सकता है, क्या ये कभी ठीक नहीं होता है? आइए इस बारे में जानते हैं।
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कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
रिकरंट ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जानिए

कैंसर के इलाज के लिए उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और दवाओं ने पहले की तुलना में अब कैंसर के इलाज को काफी आसान जरूर बना दिया है, पर ब्रेस्ट कैंसर जैसे कुछ प्रकार के कैंसर के एक बार ठीक होने के बाद फिर से होने का खतरा हो सकता है। इस तरह के कैंसर को रिकरंट कैंसर कहा जाता है।

रिकरंट ब्रेस्ट कैंसर, वह स्तन कैंसर है जो प्रारंभिक उपचार के बाद वापस आ जाता है। कैंसर के उपचार के दौरान वैसे तो सभी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने का प्रयास होता है, लेकिन कुछ सेल्स उपचार से बच सकते हैं। ये अज्ञात कैंसर कोशिकाएं दोबार से कैंसर का कारण बन सकती हैं।
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ब्रेस्ट कैंसर और इसके जोखिम - फोटो : Freepik.com
बार-बार कैंसर होने को लेकर क्या कहते हैं डॉक्टर?

अमर उजाला से बातचीत में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अमृतपाल शेखावत बताते हैं, कैंसर के प्रारंभिक या पहले उपचार के कुछ महीनों या वर्षों बाद दोबारा से ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। यही कारण है कि सभी रोगियों को नियमित रूप से डॉक्टर से मिलकर जांच कराते रहने की सलाह दी जाती है। हालांकि सभी लोगों को दोबारा से कैंसर होगा, ये भी जरूरी नहीं है।

रिपीट कैंसर की स्थिति में कैंसर आपके मूल कैंसर के समान क्षेत्र में फिर से हो सकता है। इसमें भी आपको पहले की तरह ही ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों का अनुभव हो सकता है।
  • आपके स्तन की त्वचा में परिवर्तन।
  • त्वचा की सूजन या लालिमा होना।
  • निप्पल से स्राव होते रहना।

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स्तन कैंसर के दोबारा होने का खतरा - फोटो : Freepik.com
क्यों दोबारा से होता है कैंसर?

डॉ अमृतपाल बताते हैं, इलाज के दौरान जब मूल कैंसर के कुछ सेल्स शेष रह जाते हैं, ये दोबारा से कैंसर को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। कई बार कीमोथेरेपी-रेडियोथेरेपी या हार्मोमल थेरेपी के दौरान भी कुछ कैंसर सेल्स बचे रह जाते हैं जिसके कारण कैंसर हो सकता है।

अध्ययनों से पता चलता है कि बड़े ट्यूमर वाले लोगों में स्तन कैंसर के दोबारा होने का जोखिम अधिक होता है। इसके अलावा जिन लोगों में इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर होता है उन्हें भी दोबारा से कैंसर हो सकता है।
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ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के करते रहे उपाय - फोटो : Freepik.com
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए निरंतर उपाय जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को पहले कैंसर हो चुका है उन्हें इलाज के बाद भी नियमित रूप से डॉक्टर से मिलकर टेस्ट कराते रहना चाहिए। इलाज और थेरेपी पूरा हो जाने के बाद भी अपने वजन को कंट्रोल रखने, व्यायाम करते रहना और आहार पर ध्यान देना जरूरी है।

इसके अलावा अगर आपको कैंसर नहीं भी हैं फिर से 20 साल की उम्र के बाद नियमित रूप से अपने स्तनों की जांच कराते रहना चाहिए। अगर इसमें आपको कुछ भी असामान्य लगता है तो बिना देर किए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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