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आयुष मंत्रालय संग अमर उजाला की पहल: जानिए आयुर्वेद को क्यों माना जाता है जीवन का अभिन्न हिस्सा?

Tue, 15 Jun 2021 08:01 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आयुर्वेद और हमारा जीवन - फोटो : Pixabay
भारत के इतिहास के उठा कर देखें तो सदियों से तमाम तरह की बीमारियों के उपचार में आयुर्वेद का विशेष महत्व रहा है। करीब 3000 वर्षों से आयुर्वेद हमारी सेहत की देखभाल कर रहा है। कोरोना महामारी के दौरान आयुर्वेदिक चिकित्सा एक बार फिर से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। दूसरी लहर के दौरान एक समय इलाज के लिए अपर्याप्त मालूम पड़ रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच आयुर्वेद जैसी वैकल्पिक उपचार पद्धतियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक यह चिकित्सा पद्धति न सिर्फ कोरोना के खिलाफ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक है, साथ ही कोरोना के रोगियों के लक्षणों को भी इससे काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इसी क्रम में अमर उजाला ने आयुष मंत्रालय और राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के संग मिलकर एक पहल की है। 'सेहत है संग तो जीतेंगे हर जंग' ध्येय वाक्य के साथ लोगों को आयुर्वेद के महत्व को समझाने की कड़ी में मंगलवार को आयुर्वेद हॉस्पिटल के प्रमुख और प्रबंध निदेशक राजीव वासुदेवन ने अपने विचार साझा किए। आइए इस लेख में जानते हैं कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को लेकर  विशेषज्ञ का क्या कहना है?
 
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राजीव वासुदेवन - फोटो : यूट्यूब स्क्रीनशॉट
जीवन का हिस्सा रहा है आयुर्वेद
राजीव वासुदेवन बताते हैं कि आयुर्वेद हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। 3000 वर्षों से अधिक समय से आयुर्वेद हमारी सेहत की देखभाल कर रहा है। इतने लंबे समय में अगर इसकी प्रभाविकता अब भी लोगों को आकर्षित कर रही है, तो इससे स्पष्ट होता है कि निश्चित ही इसमें कुछ बेहद खास जरूर है। आयुर्वेद में आहार , विहार, विचार, औषधि और क्रिया के रूप में यह चिकित्सा पद्धति हमारे साथ जुड़ी हुई है।
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रोग को जड़ से खत्म करता है आयुर्वेद - फोटो : Social media
लोगों की पसंद है आयुर्वेद
आयुर्वेद पर लोगों के विश्वास के बारे में बताते हुए राजीव वासुदेवन कहते हैं कि आजादी के बाद आयुर्वेद को लोगों ने प्रयोग में लाना कम कर दिया। अब इसका पुनरुद्धार हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों से देश में आयुर्वेद की मांग काफी बढ़ी है। देश में इस समय करीबन 100 आयुष हॉस्पिटल और 45 के करीब आयुर्वेद के अस्पताल लोगों की सेवा कर रहे हैं। आयुर्वेद न सिर्फ लक्षण, बल्कि रोग को जड़ से समाप्त करने की क्षमता रखने वाली चिकित्सा पद्धति है। इसी वजह से आयुर्वेद लोगों की पसंद बनता जा रहा है।
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आयुर्वेद की तरफ बढ़ रहा है लोगों का विश्वास - फोटो : social media
कोविड जैसे रोगों में भी काफी प्रभावी
कोविड-19 के संदर्भ में बात करते हुए राजीव वासुदेवन बताते हैं आयुर्वेद के माध्यम से रोग को विकसित होने से रोका जा सकता है और यही इस चिकित्सा पद्धति की खासियत है। आयुर्वेद के माध्यम से हम लोगों के शरीर को इस प्रकार से बनाने पर काम करते हैं कि उनपर संक्रमण का असर ही न हो। आयुर्वेद कई समस्याओं पर एक साथ वार करके उनको ठीक करने की कला का नाम है।

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नोट: यह लेख आयुर्वेद हॉस्पिटल के प्रमुख और प्रबंध निदेशक राजीव वासुदेवन से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।  ।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।



 
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