डॉ. तनुजा नेसरी
- फोटो : यूट्यूब स्क्रीनग्रैब
महत्वपूर्ण होगा यह अध्ययन
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की निदेशक डॉ तनुजा नेसारी बताती हैं, तीन महीने के लिए, 1,000 प्रतिभागियों के एक समूह को अश्वगंधा की गोलियां दी जाएंगी, जबकि 1,000 प्रतिभागियों के दूसरे समूह को प्लेसबो दिया जाएगा। प्लेसबो की गोलियां और स्वाद भी बिल्कुल अश्वगंधा की तरह ही होगा। हालांकि रोगी और डॉक्टर, इस बात से बात से अनजान होंगे कि किस समूह को प्लेसबो दी जा रही है और किस समूह को अश्वगंधा की गोलियां? इस अध्ययन के आधार पर कोविड-19 की रिकवरी में अश्वगंधा के फायदों के बारे में जानने की कोशिश की जाएगी।