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मिल गया जवाब: आखिर क्यों आते हैं डरावने सपने? वैज्ञानिकों ने बताई इसकी मुख्य वजह, क्या आप भी हैं इससे परेशान

Mon, 05 Jun 2023 07:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डरावने सपने आने के कारण - फोटो : iStock
नाइटमेयर्स यानी डरावने या बुरे सपने आपको परेशान करने वाले हो सकते हैं। कई बार इसके चलते लोगों की नींद भी प्रभावित हो जाती है। पर इस तरह के सपने आते क्यों हैं? क्या इसका हमारे मस्तिष्क के रसायनों में असंतुलन से कोई संबंध है या फिर कुछ और, इस लेख में इस विषय के बारे में समझने की कोशिश करेंगे।

डरावने सपने क्यों आते हैं, इसे समझने से पहले यह जान लेना आवश्यक है कि सपने क्यों आते हैं? इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि सपने, हमारे दिमाग को विचारों और दिनभर की घटनाओं को संसाधित करने में मदद करते हैं। मसलन सपने, मस्तिष्क की गतिविधि का एक हिस्सा हैं, जिसमें आपकी भावनाओं का मानसिक प्रसंस्करण और आपकी यादों का कंसॉलिडेशन होता है। यह मस्तिष्क की एक सामान्य प्रक्रिया है।

अब आइए जानते हैं कि आखिर डरावने सपने आने का क्या कारण हो सकता है?
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बुरे-डरावने सपनों का कारण - फोटो : istock

डरावने सपने क्यों आते हैं?

वैज्ञानिक कहते हैं, सपने हों या बुरे सपने इसके पीछे के कारण अभी भी रहस्यमय हैं। अभी तक सही तरीके से यह नहीं समझा जा सका है कि ये किस कारण से आते हैं, लेकिन मस्तिष्क के अध्ययनों में बहुत सी ऐसी चीजों के बारे में पचा चला है जो बुरे-डरावने सपनों का कारण बन सकती हैं।

इसका सबसे सामान्य कारण दैनिक जीवन का तनाव भी हो सकता हैं। स्कूल या काम के बारे में चिंता करने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में डरावने सपने आने की समस्या अधिक देखी गई है। इसके अलावा जीवन की कुछ बड़ी घटनाएं या जीवन में परिवर्तन जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु भी बुरे सपने का कारण बन सकती है।
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नींद विकारों की समस्या - फोटो : istock
रैपिड आई मूवमेंट स्लीप का संबंध

रैपिड आई मूवमेंट (आरईएम), नींद का एक चरण है जो तेजी से आंखों की मूमेंट, दिल की धड़कनों में अनियमितता और बढ़ी हुई सांस की दरों का कारण बनती है।

हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने बताया कि बुरे सपने नींद की अवधि के दौरान तब आते हैं जब आरईएम की अवधि लंबी हो जाती है। इसके अलााृवा बुरे सपने कई कारणों से उत्पन्न हो सकते हैं जैसे तनाव, चिंता, अनियमित नींद, दवाओं का सेवन, मानसिक स्वास्थ्य विकार आदि। लेकिन शायद पोस्ट पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) को इसका सबसे प्रमुख कारण पाया गया है।
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मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : Pixabay
पीटीएसडी बढ़ा सकती है आपका जोखिम

शारीरिक शोषण, यौन शोषण या किसी दुर्घटना जैसी दर्दनाक घटना के बाद बुरे सपने आना सामान्य है। पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) वाले लोगों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। इसके अलावा आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भी ये समस्या काफी निर्भर करती है। जो लोग बाइपोलर डिसऑर्डर , अवसाद, या सिज़ोफ्रेनिया समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे लोगों में भी बुरे सपने आने की अधिक आशंका होती है। 

डॉक्टर तनाव कम करने वाली तकनीकों और थेरपी के माध्यम से आपमें बुरे सपने आने के जोखिमों को कम करने में मदद कर सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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