हर साल 21 सितम्बर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे के रूप में मनाया जाता है। अल्जाइमर एक बीमारी है जो डिमेंशिया का एक प्रकार है। जिसके शिकार ज्यादातर बड़ी उम्र के बुजुर्ग होते हैं। इस बीमारी में याददाश्त की क्षमता पर तो असर पड़ता ही है साथ ही सोचने, समझने की शक्ति भी प्रभावित होती है। ज्यादातर ये माना जाता है कि अल्जाइमर की बीमारी 65 साल या उससे ऊपर के बुजु्र्गों में होती है लेकिन अमेरिका में हुए शोध में इस बात का पता चला है कि 65 साल से कम उम्र के बहुत से लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लेकिन अगर दिनचर्या में कुछ बदलाव किए जाए तो इस बीमारी के प्रभाव से बचा जा सकता है।