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सावधान: शरीर के अंगों से लेकर तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है ये आदत, तुरंत बना लें इससे दूरी

Sun, 17 Apr 2022 07:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शराब के कारण मस्तिष्क को नुकसान - फोटो : Pixabay
पिछले एक दशक में जितनी भी गंभीर बीमारियों के मामले बढ़े हैं, उनमें से 80 फीसदी के लिए जीवनशैली और आहार की गड़बड़ी को मुख्य कारण के तौर पर जाना जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं, हम क्या खाते-पीते हैं, हमारी दिनचर्या कैसी है, इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। लोगों में समय के साथ बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और गड़बड़ खान-पान ने कई तरह की गंभीर और जानलेवा बीमारियों के जोखिम को बढ़ा दिया है। अध्ययनों में प्रोसेस्ड, जंक और ज्यादा तली-भुनी चीजों के सेवन को शरीर के लिए काफी नुकसानदायक बताया गया है। ऐसे ही धूम्रपान और शराब पीने की आदत भी सेहत को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बहुत से लोगों का मानना है कि भोजन के समय या विशेष अवसरों पर कभी-कभार बीयर या वाइन पी लेना हानिकारक नहीं है, लेकिन शोध इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि किसी भी रूप में या थोड़ी भी मात्रा में शराब पीने से सेहत को नुकसान हो सकता है। शराब आपके शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत को गंभीर रूप से क्षति पहुंचा सकती है। इससे शरीर के अंगों से लेकर तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क तक को गहरी क्षति हो सकती है। इससे उपजी कुछ स्थितियां जानलेवा भी हो सकती है। शराब के सेवन से पूरी तरह से परहेज किया जाना चाहिए।
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शराब से शरीर को होने वाले नुकसान - फोटो : Pixabay
'शराब की कोई सेफ लिमिट नहीं है'

कई लेख में आपने दिन में एक या दो पैग शराब पीने के सुरक्षित लिमिट के दावा के बारे में पढ़ा होगा, पर  हाल के शोध से पता चलता है कि वास्तव में शराब की कोई "सुरक्षित" मात्रा नहीं है। थोड़ी मात्रा में भी शराब पीने से मस्तिष्क पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत कहते हैं, एक शिप भी शराब की मात्रा अपनी क्षमता भर शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। शराब की कोई सेफ लिमिट नहीं है, न ही बियर या वाइन जैसे कम अल्कोहल मात्रा वाले शराब ठीक हैं। शराब का किसी भी रूप में कितनी भी कम मात्रा में सेवन हानिकारक है।
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शराब के कारण होने वाले नुकसान - फोटो : iStock
अल्कोहल के सेहत पर अल्पकालिक प्रभाव

शराब का सेवन कई स्तर पर आपकी शरीर को हानि पहुंचा सकता है। शराब पीने के बाद कुछ समय तक के लिए आपको कई तरह की अल्पकालिक दिक्कतें हो सकती हैं। वहीं यदि आप अक्सर अल्कोहल  का सेवन करते रहते हैं तो इससे सेहत को गंभीर और जानलेवा क्षति होने का खतरा भी बढ़ जाता है। अल्कोहल के सेहत पर अल्पकालिक प्रभाव भी कई मामलों में गंभीर हो सकते हैं।
  • चक्कर आना या मूड में बदलाव।
  • व्यवहार में बदलाव।
  • मतली और उल्टी
  • दस्त और सिर दर्द।
  • सुनने, देखने और चीजों को समझ पाने में कठिनाई।
  • शारीरिक समन्वय न बन पाना।
  • ध्यान केंद्रित करने या निर्णय लेने में परेशानी।

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शराब से क्या नुकसान होते हैं? - फोटो : iStock
कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं गंभीर और जानलेवा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जो लोग अक्सर या अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं, उनकी तंत्रिकाओं और मस्तिष्क की क्षमता पर इसका गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है। शराब के कारण कई दीर्घकालिक और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यही कारण है कि सभी लोगों को शराब से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है।
  • मनोदशा में परिवर्तन, चिंता और अवसाद की समस्या।
  • अनिद्रा और नींद संबंधी अन्य विकार।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी, जिसके कारण आपके अधिक बार बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है।
  • कामेच्छा में कमी और यौन क्रिया में दिक्कत।
  • भूख और वजन में परिवर्तन।
  • याददाश्त और एकाग्रता से संबंधित समस्याएं।
  • कई तरह के मानसिक रोगों का खतरा।
  • लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान जो जानलेवा तक हो सकती है।
  • गले और पेट के कैंसर का खतरा।
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शराब से अंगों को नुकसान - फोटो : Pixabay
पाचन अंगों की खराबी और अन्य जटिलाओं का खतरा

शोध से पता चलता है कि शराब का सेवन आपके पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसके कारण पाचन तंत्र में ऊतकों को क्षति का जोखिम बढ़ जाता है जिससे आपकी आंतों को भोजन पचाने और पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित करने में दिक्कत हो सकती है। यही कारण है कि शराब पीने वाले लोगों में अक्सर कमजोरी की समस्या देखी जाती है। इसके अलावा शराब के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोरी हो जाती है जिससे कई प्रकार के रोगों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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