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Air Pollution: दिल्ली में रहते हैं तो हो जाएं सावधान, वायु प्रदूषण के कारण घट सकते हैं जीवन के करीब 12 साल

Fri, 03 Nov 2023 01:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वायु प्रदूषण के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Pixabay
अगर आप राजधानी दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं तो सावधान हो जाइए, यहां की मौजूदा परिस्थितयां आपकी उम्र को कम करने वाली हो सकती हैं। हालिया रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट करते हुए कहा है कि दिल्ली का वातावरण जिस प्रकार से प्रदूषण के कारण दूषित होता जा रहा है इससे कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।

एक हालिया अध्ययन में दिल्ली को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर में से एक बताया गया है, इस आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि प्रदूषण का स्तर इसी तरह से बढ़ता रहा तो यहां रहने वाले लोगों की जीवन करीब 11.9 साल तक कम हो सकती है।

अध्ययन में वायु प्रदूषण को कई प्रकार से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर दुष्प्रभावों वाला पाया गया है। वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण फेफड़ों के कैंसर से लेकर हृदय स्वास्थ्य, मस्तिष्क से संबंधित विकारों और कई जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाने वाला हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि खतरा सिर्फ दिल्ली वालों को ही नहीं, देशभर के लोगों को है। प्रदूषण का स्तर समय के साथ बढ़ता जा रहा है जिसके गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
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वायु प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें - फोटो : istock
डब्ल्यूएचओ के मानकों से कहीं अधिक है प्रदूषण का स्तर

यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट द्वारा एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (एक्यूएलआई) जारी की गई है, जिसमें वायु प्रदूषण के कारण बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर लोगों को अलर्ट किया गया है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में 1.3 बिलियन (130 करोड़) से अधिक लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं, जहां का वार्षिक औसत कण प्रदूषण स्तर, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित 5µg/m3 माइक्रोग्राम से कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, देश की 67.4 प्रतिशत आबादी ऐसे क्षेत्रों में रहती है जहां नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स 40 µg/m3 से भी अधिक है।
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प्रदूषण के कारण बढ़ रही हैं स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : Pixabay
PM2.5 के कारण कम हो रही है जीवन प्रत्याशा

अध्ययनकर्ताओं ने कहा, पहले के शोध में भी वायु प्रदूषण में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5) के कारण स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जीवन प्रत्याशा 5.3 वर्ष तक कम हो सकती है।

एक्यूएलआई के मुताबिक दिल्ली में साल-दर-साल प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। अगर इसी तरह की स्थिति जारी रही तो ये राज्य में रहने वाले 18 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को औसतन 11.9 वर्ष तक कम करने वाली हो सकती है। वहीं नेशनल गाइडलाइंस द्वारा सेट किए गए प्रदूषण के मानकों के अनुसार प्रदूषण की स्थिति उम्र को 8.5 वर्ष तक कम करने वाली हो सकती है। 
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गंभीर हो सकते हैं प्रदूषण के दुष्प्रभाव - फोटो : Pixabay
सबसे कम प्रदूषण वाले शहर में भी बहुत खतरा

जारी रिपोर्ट के मुताबिक यहां तक कि सबसे कम प्रदूषित जिला पंजाब के पठानकोट में भी कणीय प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ की सीमा से सात गुना अधिक है, अगर मौजूदा स्तर इसी तरह से जारी रहता है तो यहां जीवन प्रत्याशा 3.1 साल तक कम हो सकती है। जनसंख्या घनत्व के साथ वाहन, आवासीय और कृषि स्रोतों से होने वाले प्रदूषण के कारण हमारा वातावरण दूषित होता जा रहा है, जो कई प्रकार से सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

वायु प्रदूषण से बचाव के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, मास्क पहनें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वैश्विक स्तर पर प्रदूषण को कम करने के लिए व्यापक प्रयास की आवश्यकताओं पर जोर दिया है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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