गंभीर हो सकते हैं प्रदूषण के दुष्प्रभाव
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सबसे कम प्रदूषण वाले शहर में भी बहुत खतरा
जारी रिपोर्ट के मुताबिक यहां तक कि सबसे कम प्रदूषित जिला पंजाब के पठानकोट में भी कणीय प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ की सीमा से सात गुना अधिक है, अगर मौजूदा स्तर इसी तरह से जारी रहता है तो यहां जीवन प्रत्याशा 3.1 साल तक कम हो सकती है। जनसंख्या घनत्व के साथ वाहन, आवासीय और कृषि स्रोतों से होने वाले प्रदूषण के कारण हमारा वातावरण दूषित होता जा रहा है, जो कई प्रकार से सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
वायु प्रदूषण से बचाव के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, मास्क पहनें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वैश्विक स्तर पर प्रदूषण को कम करने के लिए व्यापक प्रयास की आवश्यकताओं पर जोर दिया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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